मुंबई, जागरण डिजिटल डेस्क। हाल ही में नेपाल पुलिस ने चीनी नागरिकों द्वारा संचालित लोन एप घोटाले का भंडाफोड़ किया था। मुंबई में कई लोग इस लोन एप घोटाले का शिकार हो चुके हैं। लोन एप के इस घोटाले में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं।

इसी बीच, बिहार के 12वीं पास युवक की नेपाल के लोन एप नेटवर्क में अहम भूमिका सामने आ रही है। नेपाल पुलिस ने रुपन्देही के बुटवाल स्थित कॉल सेंटर में छापेमारी के दौरान चीनी नागरिकों के साथ इस शख्स को गिरफ्तार किया था।

सैलरी स्लिप देख अधिकारियों के होश उड़े

बिहार के बोधगया जिले के इस युवक की पहचान निरंजन कुमार के रूप में की गई है। 25 वर्षीय ये युवक नेपाल से संचालित लोन ऐप नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। नेपाल के साइबर ब्यूरो के अधिकारियों ने जब निरंजन कुमार की सैलरी स्लिप की जांच की तो वह दंग रह गए।

2 लाख प्रति माह सैलरी पाने वाला निरंजन तीन अवैध कॉल सेंटरों में सबसे अधिक वेतन पाने वाला कर्मचारी निकला। भारत में यह रुपये 1.25 लाख के बराबर है।

कॉल सेंटर स्थापित करने में अहम भूमिका

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निरंजन कुमार ने ही भारतीय लोगों को लोन के नाम पर टारगेट करने का प्लान बनाया था। चीनी नागरिकों के बाद निरंजन कुमार नाम के इस भारतीय शख्स की लोन ऐप नेटवर्क में अहम भूमिका थी। काठमांडू के टिंक्यून और थमेल और बुटवाल में कॉल सेंटर स्थापित करने में इसकी अहम भूमिका रही।

अधिकारियों ने बताया कि कॉल सेंटर स्थापित करने के अलावा कुमार कामकाज की निगरानी करता और हिंदी भाषी उम्मीदवारों को नौकरी पर रखता था। निरंजन के साथ काम करने वाले दो प्रशिक्षु रूपन्देही में छापेमारी के दौरान फरार होने में सफल हो गए।

कई महीनों से नेपाल में रहता था युवक

नेपाल पुलिस के अनुसार, बिहार का यह युवक पिछले 18 महीनों से नेपाल में था। वह पहले काठमांडू के टिंकून में कॉल सेंटर में काम करता था, जो अब बंद हो चुका है। वहां भी पूरा नेटवर्क स्थापित करने में उसने अहम भूमिका निभाई।

अधिकारी ने बताया कि अभी तक दो कॉल सेंटर स्थापित करने में उसकी सक्रिय भूमिका दिख रही है। मगर वह सीधे तौर पर कॉल सेंटर के संचालकों के संपर्क में था इसलिए चीनी नागरिकों से जुड़े अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता हो सकती है।

चीनी नागरिकों के नजदीकी संपर्क में था युवक

अधिकारियों को शक है कि निरंजन कुमार के चीनी नागरिकों से बेहद नजदीकी संबंध थे। इसलिए टिंकून में कॉल सेंटर खोलने के बाद, वह पिछले 6 महीनों से रूपन्देही से काम कर रहा था। साइबर ब्यूरो अब इस जांच में जुटी हैं कि क्या वह इस तरह के अन्य अवैध कॉल सेंटर स्थापित करने में भी शामिल था।

Edited By: Aditi Choudhary