मुंबई के मशहूर कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड, FDA को फूड सेफ्टी और साफ-सफाई में मिली कमी
मुंबई के मशहूर कैफे मोंडेगर का लाइसेंस महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सस्पेंड कर दिया है। एफडीए को जांच में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई में गंभीर कमियां मिलीं।

कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
कैफे मोंडेगर का लाइसेंस खाद्य सुरक्षा उल्लंघन पर सस्पेंड।
एफडीए को साफ-सफाई और भंडारण में गंभीर कमियां मिलीं।
मुंबई में तीन अन्य रेस्टोरेंट पर भी हुई कार्रवाई।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के मशहूर कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। इस कैफे पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने कार्रवाई की है। एफडीए की जांच में फूड सेफ्टी और साफ-सफाई में गंभीर कमियां पाई गईं।
कैफे मोंडेगर के अलावा तीन और रेस्टोरेंट पर कमिश्नर तुकाराम मुंडे की टीम ने कार्रवाई की है। इनमें घाटकोपर वेस्ट का त्रिभुवन डेयरी फार्म, कांदिवली का महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर और घाटकोपर ईस्ट का महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल है।
कैफे मोंडेगर का लाइसेंस सस्पेंड
कैफे मोंडेगर मुंबई के कोलाबा में स्थित है। यहां शनिवार को FDA की टीम पहुंची और फूड सेफ्टी से जुड़ी जांच की गई। FDA ने एक बयान में कहा कि कमियों में गर्म खाने को 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और ठंडे खाने को 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे स्टोर न करना शामिल था।
FDA ने जांच के दौरान पाया कि कैजांच के दौरान सेफ्टी और साफ-सफाई में भी गंभीर कमियां पाई गईं। फे में खाने को पिघलाने और पके हुए खाने को ठंडा करने के सही तरीकों का भी पालन नहीं किया जा रहा।
FDA ने कहा कि साफ-सफाई और अन्य मुद्दों के कारण रेस्टोरेंट में क्रॉस-कंटैमिनेशन (एक खाने से दूसरे में गंदगी या बैक्टीरिया का फैलना) का खतरा पैदा हो गया था।
FDA की बड़ी कार्रवाई
एफडीए ने जिन चार रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की है, उनमें ये चारों रेस्टोरेंट फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के शेड्यूल 4 का उल्लंघन करते पाए गए, जिसमें साफ-सफाई और स्वच्छता के जरूरी नियम बताए गए हैं।
एफडीए ने त्योहारों के दौरान शहर में 38 फूड एस्टेब्लिशमेंट (खाने-पीने की जगह) की जांच की थी, इनमें से मुंबई में नौ अन्य खाने-पीने की जगहों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। यहां जांच के दौरान दूध, खोया और घी समेत कुल 47 फूड सैंपल लिए गए।
मुंबई के बाहर दूध और दूध से बने उत्पाद बेचने वाले कई एस्टेब्लिशमेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। फूड रेगुलेटर ने कुल 30 लीटर दूध और 4,000 किलोग्राम से ज्यादा दूध के उत्पाद और मिठाइयां जब्त की हैं, जिनकी कीमत 15 लाख रुपये से ज्यादा है।
