गणेशोत्सव के बीच जरांगे का मुंबई मार्च... CM फडणवीस बोले- कानून व्यवस्था पर नहीं पड़ना चाहिए असर
मनोज जरांगे के मुंबई कूच के बीच सीएम फडणवीस ने गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता को असुविधा से बचाने पर जोर दिया।

सीएम फडणवीस ने गणेशोत्सव में कानून-व्यवस्था प्राथमिकता बताई (फाइल फोटो)
HighLights
सीएम फडणवीस ने गणेशोत्सव में कानून-व्यवस्था प्राथमिकता बताई।
मनोज जरांगे मराठा आरक्षण हेतु मुंबई कूच कर रहे।
पुलिस ने आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे के मुंबई कूच के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी से बचाना है।
उन्होंने कहा कि मुंबई और पुणे में गणेशोत्सव बड़े पैमाने पर सार्वजनिक रूप से मनाया जाता है। सरकार अपेक्षा करती है कि ऐसे में आंदोलन के कारण श्रद्धालुओं और नागरिकों को असुविधा न हो।
गृह विभाग संभाल रहे फडणवीस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। मुंबई पुलिस ने जरांगे के मुंबई में प्रदर्शन के लिए आवेदन को पहले ही अस्वीकार कर दिया है। यदि उनकी ओर से नया आवेदन दिया जाता है तो पुलिस उसके गुण-दोष के आधार पर निर्णय करेगी।
फडणवीस ने कहा कि आंदोलनकारियों की 13 में से 12 ऐसी मांगें स्वीकार कर चुकी है, जो कानूनी रूप से वैध थीं। शेष मांग को लेकर भी सरकार ने कानूनी अड़चनों को स्पष्ट किया है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के विपरीत कोई कदम उठाने से मराठा समाज को ही नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए त्योहार के दिनों में आंदोलन को लेकर ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे आम जनता को परेशानी न हो।
उधर, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 17 दिन से अनशन कर रहे मनोज जरांगे मंगलवार को जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए रवाना हो गए। वह मराठा समाज के उन लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का लाभ देने की मांग कर रहे हैं, जिनके कुनबी जाति से जुड़े वंशावली दस्तावेज मिलते हैं।
मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए जरांगे को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। जरांगे ने इसके बावजूद मुंबई आने का फैसला किया है।
हालांकि, उन्होंने अपने पहले के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में समर्थकों को मुंबई लाने के बजाय फिलहाल पांच से दस सहयोगियों के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।
वह 19 सितंबर से आजाद मैदान में आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं। उनके मुंबई पहुंचने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
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