टाइगर श्रॉफ गोलीकांड: सभी आरोपियों पर लगा मकोका, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की पड़ताल
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपियों पर मकोका लगाया है।
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टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी मामले में मकोका लागू

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपितों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है।
सक्षम प्राधिकारी से मंगलवार को मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में मकोका की धाराएं जोड़ दीं। जांच एजेंसी का मानना है कि 18 अक्टूबर को जुहू में हुई गोलीबारी के पीछे संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी मामले में मकोका लागू
सभी आरोपितों पर मकोका लागू होने के बाद पुलिस अब हथियारों की खरीद, कारतूसों की आपूर्ति, आरोपितों के बीच संपर्क और हमले की साजिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में 19 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या के प्रयास और समान आशय से संबंधित धाराओं के साथ शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। बाद में संगठित अपराध से संबंधित बीएनएस की धारा 111 भी जोड़ी गई। अब मकोका की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) के तहत कार्रवाई की गई है।
इन धाराओं में संगठित अपराध, उसकी साजिश या सहायता करने तथा संगठित अपराध सिंडिकेट की सदस्यता से जुड़े अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रविधान है। दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और कम से कम पांच लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।
मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही संगठित आपराधिक नेटवर्क की जांच
18 अक्टूबर को जुहू में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर कथित तौर पर गोलियां चलाई थीं। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल हो गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दी गई थी। पुलिस को संदेह है कि हमले के लिए हथियारों और कारतूसों की व्यवस्था करने से लेकर उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने तथा कथित हमलावरों के समन्वय तक में कई लोगों की भूमिका हो सकती है।
पुलिस इस मामले की जिम्मेदारी लेनेवाले अनिल पंडित की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है। उसे साजिश की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। उसका संबंध लारेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़े जाने की बात सामने आई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित की भूमिका संदिग्ध
क्राइम ब्रांच इस आशंका की भी पड़ताल कर रही है कि गोलीबारी की घटना से पहले बॉलीवुड के अन्य अभिनेताओं के आवासों की रेकी की गई थी या नहीं। क्योंकि इस मामले गिरफ्तार दो महिलाएं बबिता एवं राधा के मुंबई आने के बाद बांद्रा स्थित बैंड स्टैंड जाने का भी पता चला है, जहां शाह रुख खान और सलमान खान सहित कुछ अन्य अभिनेताओं के बंगले हैं।
जांच एजेंसी हमले के संभावित निशाने, उसकी योजना और कथित आपराधिक नेटवर्क के विस्तार का पता लगाने में जुटी है। बता दें कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बनाया गया कठोर कानून है।
इसे लागू करने के लिए कानून में निर्धारित शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। मकोका के तहत जमानत मिलना कठिन होता है। पुलिस को आरोपपत्र दाखिल करने के लिए निर्धारित परिस्थितियों में अदालत की अनुमति से 180 दिन तक का समय मिल सकता है।
