महाराष्ट्र सरकार की सीक्रेट डिप्लोमेसी और 20 दिन बाद खत्म हुआ मनोज जारांगे का अनशन; Inside Story
मराठा आरक्षण एक्टिविस्ट मनोज जारांगे पाटिल ने 20 दिन का अनशन समाप्त कर दिया है। इसके पीछे महाराष्ट्र सरकार की कूटनीति नजर आ रही है।
HighLights
मनोज जारांगे पाटिल ने 20 दिन का मराठा आरक्षण अनशन समाप्त किया।
महाराष्ट्र सरकार को तीन महीने में मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम।
मांगें न मानने पर मुंबई में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। मराठा आरक्षण एक्टिविस्ट मनोज जारांगे पाटिल ने आज गुरुवार, 17 सितंबर को अपना 20 दिन का अनशन खत्म कर दिया है।
मनोज जारांगे ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि अगर तीन महीने में मराठा आरक्षण पर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन राजधानी मुंबई तक ले जाएंगे।
मनोज जारांगे ने खत्म किया अनशन
पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने गए महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और जारांगे पाटिल के सहयोगियों के बीच बातचीत कराने में मदद की।
मनोज जारांगे पाटिल के अनशन को लेकर कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें उदय सामंत ने पेरिस से ही तालमेल बैठाया। उद्योग मंत्री ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से कई बार बात की। सूत्रों के मुताबिक, कुल सात बार बातचीत हुई।
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल की, जिसमें वे खुद, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और बीजेपी नेता प्रसाद लाड शामिल रहे।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्फ्रेंस कॉल में जारांगे पाटिल की मांगों, इस तरह के विरोध प्रदर्शन से निपटने की भविष्य की रणनीति और मौजूदा हालात को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने पर बात की गई।
बातचीत के जरिए समाधान निकालेगी सरकार
सरकार ने जारांगे पाटिल के करीबी सहयोगियों से भी सीधे संपर्क किया। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया गया कि लंबित मांगों पर सकारात्मक फैसले लिए जाएंगे।
सरकार के सामने चुनौती थी कि जारांगे पाटिल के आंदोलन पर बातचीत के लिए रास्ता खुला रखा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित भी किया जाए कि ये आंदोलन मुंबई तक न आए।
(समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र: महिला को मदद के बहाने फार्महाउस पर बुलाया... पूर्व BJP विधायक और बर्खास्त पुलिसकर्मी पर रेप का आरोप
