यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maharashtra: क्या महाराष्ट्र में लगेगा राष्ट्रपति शासन? 26 नवंबर को विधानसभा का कार्यकाल हो जाएगा समाप्त
Maharashtra Election result विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है ऐसे में विधानमंडल और महायुति के सूत्रों ...और पढ़ें

एएनआई, मुंबई। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में महायुति को बंपर जीत मिली है। दूसरी और एमवीए की ऐसी हार हुई है कि उसके किसी भी दल को विपक्ष का दर्जा तक नहीं नसीब होने वाला है। अब महायुति में सीएम पद को लेकर खींचतान हो रही है।
राष्ट्रपति शासन नहीं लागू होगा
वहीं, विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है, ऐसे में विधानमंडल और महायुति के सूत्रों ने कहा कि 26 नवंबर से पहले नई सरकार बनाने या नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की "कोई संवैधानिक" आवश्यकता नहीं है। सूत्रों के अनुसार, यह धारणा गलत है कि अगर सीएम नहीं बना तो 26 नवंबर की मध्यरात्रि के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा।
अतीत में भी होता रहा है ये
एएनआई के सूत्रों के अनुसार, अतीत में मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह अक्सर विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद किया जाता था। 10वीं विधानसभा का कार्यकाल 19 अक्टूबर 2004 को समाप्त हुआ था। 11वीं विधानसभा के नए मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर 2004 को शपथ ली थी।
उदाहरण के तौर पर 11वीं विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2009 को समाप्त हो गया था, लेकिन 12वीं विधानसभा के मुख्यमंत्री ने 7 नवंबर 2009 को शपथ ली थी। इसी तरह 12वीं विधानसभा का कार्यकाल 8 नवंबर 2014 को समाप्त हो गया था, फिर भी 13वीं विधानसभा के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 31 अक्टूबर 2014 को हुआ। 13वीं विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर 2019 को समाप्त हो गया और 14वीं विधानसभा के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 28 नवंबर 2014 को हुआ।
महायुति को बंपर सीटें
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए गए। हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में, महायुति ने कुल 288 निर्वाचन क्षेत्रों में से 230 सीटें हासिल कीं। भाजपा ने 132 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी दल- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 सीटें जीतीं और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं।
MVA का बुरा हाल
दूसरी ओर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को करारा झटका लगा, जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने 16 सीटें हासिल कीं और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) को सिर्फ 10 सीटें मिलीं।
