महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 30 घंटे बाद भी 5 में से 2 सीटों पर फंसा पेंच, नागपुर में मुकाबला रोमांचक
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के 30 घंटे बाद भी पांच में से दो सीटों के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं।

महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच में से दो के परिणाम अभी भी अटके
HighLights
30 घंटे बाद भी दो सीटों के परिणाम लंबित।
पुणे शिक्षक, स्नातक सीटों पर भाजपा-राकांपा विजयी।
नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा-कांग्रेस में कड़ी टक्कर।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अंतिम चुनाव परिणाम गिनती शुरू होने के 30 घंटे बाद भी घोषित नहीं हो सके हैं। अब तक पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा के कौस्तुभ गावडे और पुणे स्नातक सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव की जीत की घोषणा हुई।
वहीं, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटिल ने महायुति समर्थित प्रत्याशी सतीश चव्हाण से आगे चल रहे हैं। अमरावती शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के किरण सरनाईक भी विजयी रहे। नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच अभी भी फैसला नहीं हो सका है।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कौस्तुभ गावडे ने शिवसेना समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सचिन सानप और कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य जयंत असगांवकर को पीछे छोड़कर जीत दर्ज की। गावडे को 23,117 मत मिले, जबकि सानप को 16,347 मत प्राप्त हुए।
गावडे ने जीत का श्रेय शिक्षकों को देते हुए कहा कि वह उनकी लंबित समस्याओं, विशेषकर पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शरद पवार गुट की हर्षदा देशमुख-जाधव ने भाजपा प्रत्याशी स्मिता जाधव को शिकस्त दी। इस सीट पर 47 उम्मीदवार मैदान में थे।
हर्षदा ने 1,13,095 मत हासिल किए, जबकि स्मिता जाधव को 1,03,395 मत मिले। इस जीत को शरद पवार गुट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रत्याशी डा. प्रतापसिंह पाटिल ने महायुति समर्थित एनसीपी प्रत्याशी सतीश चव्हाण को पराजित किया।
चव्हाण लगातार तीन बार इस सीट से जीत चुके थे। ऐसे में उनकी हार को मराठवाड़ा की राजनीति में सत्तारूढ़ महायुति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पाटिल ने मतगणना के दौरान लगातार बढ़त बनाए रखी। इससे शरद पवार गुट को क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का अवसर मिला।
सबसे रोचक मुकाबला नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी के बीच चल रहा है। इस सीट पर अभी कोई फैसला नहीं आ सका है। मतगणना केंद्र के अंदर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार बुधवार रात 10 बजे के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू हो सकी है।
इस सीट का परिणाम भाजपा और कांग्रेस, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। भाजपा को यहां जीत मिलने से विदर्भ में उसकी राजनीतिक स्थिति मजबूत हो सकती है, जबकि कांग्रेस के लिए अपने मौजूदा प्रतिनिधित्व को बनाए रखना चुनौती बना रहा। बता दें कि इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता है।
मतदाताओं ने उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में वोट दिया है। पहले मतपत्रों की छंटाई और वैध-अवैध मतों का निर्धारण किया गया। इसके बाद पहली पसंद के मतों की गिनती और जीत के लिए आवश्यक कोटे का निर्धारण हुआ।
निर्धारित कोटा पूरा नहीं होने पर कम मत पाने वाले उम्मीदवारों को हटाकर उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली पसंद के अनुसार मतों का हस्तांतरण किया गया। इसी जटिल प्रक्रिया के कारण मतगणना लंबी खिंची। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 72.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
