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महाराष्ट्र में पाकिस्तानी फेयरनेस क्रीम सहित 3 ब्यूटी प्रोडक्ट्स लगा बैन, तय मात्रा से 752 गुना ज्यादा मिला मरकरी

Published: Sun, 05 Jul 2026 08:47 PM (IST)

महाराष्ट्र FDA ने तीन स्किन-लाइटनिंग क्रीमों पर प्रतिबंध लगाया है, जिनमें गोरी ब्यूटी क्रीम भी शामिल है, क्योंकि लैब टेस्ट में इनमें मरकरी और लेड की खतरनाक मात्रा पाई गई।

पाकिस्तानी फेयरनेस क्रीम सहित 3 ब्यूटी प्रोडक्ट्स लगा बैन। (X- @chiragbarjatya)

पाकिस्तानी फेयरनेस क्रीम सहित 3 ब्यूटी प्रोडक्ट्स लगा बैन। (X- @chiragbarjatya)

HighLights

  1. महाराष्ट्र FDA ने 3 स्किन-लाइटनिंग क्रीमों पर प्रतिबंध लगाया।

  2. इनमें मरकरी और लेड की अत्यधिक मात्रा पाई गई।

  3. लंबे उपयोग से किडनी और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीन स्किन-लाइटनिंग क्रीम के खिलाफ हेल्थ अलर्ट जारी किया है। लैब टेस्ट में इनमें मरकरी और लेड की खतरनाक रूप से ज्यादा मात्रा पाई गई थी। चेतावनी दी गई है कि इनके लंबे समय तक इस्तेमाल से किडनी, नर्वस सिस्टम और त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।

हालांकि, ये क्रीम मीशो सहित कई ऑनलाइन सेलर्स के पास खरीदने के लिए उपलब्ध थीं। जिन तीन प्रोडक्ट्स को नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) घोषित किया गया है, वे हैं- गोरी ब्यूटी क्रीम, फेस फ्रेश गोल्ड (ब्यूटी क्रीम और ब्यूटी सीरम ) और गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम। इनमें से गोरी ब्यूटी क्रीम, कथित तौर पर पाकिस्तान में बनती है।

क्रीम में मरकरी का लेवल कानूनी सीमा से 752 गुना ज्यादा 

यह मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया यूजर चिराग बरजात्या ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते महाराष्ट्र के कथित मामले की ओर ध्यान दिलाया। बरजात्या के अनुसार, नागपुर के डॉक्टरों ने देखा कि दो साल के दौरान किडनी की समस्या से जूझने वाली 18 महिलाओं में एक बात कॉमन थी कि वे सभी गोरी ब्यूटी क्रीम का इस्तेमाल कर रही थीं, जो कथित तौर पर इंस्टाग्राम पेजों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए बेची जा रही थी।

उन्होंने दावा किया कि FDA की टेस्टिंग में क्रीम में मरकरी का लेवल कानूनी सीमा से 752 गुना ज्यादा पाया गया।

शाह ने बताया कि मरकरी मेलेनिन के उत्पादन को रोकता है, जिससे त्वचा कुछ ही दिनों में हल्की (गोरी) दिखने लगती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह सफेदी स्वस्थ त्वचा के कारण नहीं, बल्कि केमिकल से होने वाले नुकसान का नतीजा है, जबकि जहरीली धातु त्वचा के जरिए शरीर में जाती रहती है और समय के साथ किडनी में जमा होती रहती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे देखें कि क्या उनके परिवार के सदस्य, दोस्त या घरेलू काम करने वाले लोग ऐसी क्रीम का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगर ऐसा हो, तो उन्हें तुरंत फेंक दें।

कई देशों ने लगाया प्रतिबंध

महाराष्ट्र की यह कार्रवाई गोरी-ब्रांडेड स्किन-लाइटनिंग प्रोडक्ट्स पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद हुई है। 2021 में, न्यूजीलैंड के मेडिसिन रेगुलेटर मेडसेफ (Medsafe) ने कंज्यूमर्स से लाइकोपीन वाली गोरी ब्यूटी क्रीम का इस्तेमाल बंद करने को कहा था, क्योंकि लैब टेस्ट में इसमें मरकरी और लेड दोनों पाए गए थे।

चार साल बाद, 2025 में, फिलीपींस FDA ने रेगुलेटरी मंजूरी न होने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए गोरी ब्यूटी किट प्रोडक्ट्स के खिलाफ पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की। FDA ने यह भी पाया कि इन प्रोडक्ट्स में जरूरी लेबलिंग जानकारी, जैसे कि बनाने वाली कंपनी का नाम और पता, बैच नंबर, बनाने की तारीख और एक्सपायरी डेट नहीं थी, जिससे कॉस्मेटिक नियमों का उल्लंघन हुआ।

किडनी की बीमारी से जुड़ी चिंताएं

यह रेगुलेटरी कार्रवाई मरकरी वाली स्किन-लाइटनिंग क्रीम से सेहत को होने वाले खतरों को लेकर बढ़ती मेडिकल चिंताओं के बीच की गई है। बिना रेगुलेशन वाली फेयरनेस और स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम में अक्सर गैर-कानूनी तरीके से मरकरी जैसी भारी धातुएं मिलाई जाती हैं ताकि त्वचा में मेलेनिन का उत्पादन कम किया जा सके।

रोजाना इस्तेमाल करने पर, यह जहरीली भारी धातु त्वचा के जरिए शरीर में चली जाती है और जमा हो जाती है, जिससे सीधे सेल्स में जहर फैल सकता है और इम्यून सिस्टम से जुड़ी वजहों से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।

मेडिकल जर्नल 'किडनी इंटरनेशनल' में 2024 में छपी एक स्टडी में मरकरी वाली फेयरनेस क्रीम के इस्तेमाल को 'मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी' के मामलों में बढ़ोतरी से जोड़ा गया है। यह किडनी की एक ऐसी बीमारी है जो किडनी के फिल्टर करने वाले हिस्सों को नुकसान पहुंचाती है और पेशाब में बहुत ज्यादा प्रोटीन निकलने का कारण बनती है।

इस स्टडी में जुलाई 2021 और सितंबर 2023 के बीच इस बीमारी से पीड़ित 22 मरीजों की जांच की गई और पाया गया कि ज्यादा मरकरी वाली स्किन-लाइटनिंग क्रीम के लंबे समय तक इस्तेमाल से इसका गहरा संबंध है। रिसर्चर्स ने चेतावनी दी कि त्वचा के जरिए शरीर में जाने वाला मरकरी धीरे-धीरे किडनी में जमा हो सकता है, जिससे लंबे समय में किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

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