महाराष्ट्र में सूखे के बीच लोकायुक्त सदस्यों के लिए ₹1.32 करोड़ की लग्जरी गाड़ियों को मंजूरी, हुआ विवाद
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे की स्थिति के बावजूद लोकायुक्त कार्यालय के चार सदस्यों के लिए 1.32 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ियां खरीदने की मंजूरी दी है।

लोकायुक्त के लिए गाड़ियों की खरीद के लिए मंजूरी को लेकर छिड़ा विवाद। (फाइल फोटो।)
HighLights
लोकायुक्त सदस्यों के लिए 1.32 करोड़ की लग्जरी गाड़ियां मंजूर।
महाराष्ट्र में गंभीर सूखे के हालात के बीच हुआ यह फैसला।
वित्तीय संयम की अपीलों के विपरीत सरकारी खर्च पर सवाल।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने लोकायुक्त कार्यालय के चार सदस्यों के लिए लग्जरी गाड़ियां खरीदने के लिए 1.32 करोड़ रुपये मंजूर करते हुए एक सरकारी आदेश जारी किया है।
हर गाड़ी के लिए 33 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। ऑर्डर में Innova-Hycross (ZX-7S) मॉडल खरीदने के लिए कहा गया है। ये गाड़ियां हाल ही में शपथ लेने वाले लोकायुक्त सदस्यों को आवंटित की गई हैं।
कौन हैं वो चार सदस्य?
लोकायुक्त और पूर्व जस्टिस सुनील शुक्रे की अध्यक्षता वाले इस पैनल में न्यायिक सदस्य के तौर पर पूर्व जस्टिस सुरेंद्र तावड़े और सुवर्णा केवले तथा गैर-न्यायिक सदस्य के तौर पर पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला और पूर्व आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता शामिल हैं।
आवंटन को लेकर छिड़ी बहस
इस आवंटन को लेकर बहस छिड़ गई है क्योंकि महाराष्ट्र में कम बारिश की वजह से अभी गंभीर सूखे के हालात हैं और राज्य के 358 में से 265 तालुकों में आधिकारिक तौर पर सूखा घोषित किया गया है।
लाखों रुपये की कार खरीदना, सरकारी पैसे की बर्बादी रोकने के लिए राज्य के मंत्रियों की ओर से हाल ही में की गई वित्तीय संयम बरतने की अपील के बिल्कुल उलट है। मंत्री उदय सामंत ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे औपचारिक सम्मान या माला स्वीकार करने पर रोक लगाएं, आधिकारिक बैठकों में ड्राई फ्रूट्स परोसना हमेशा के लिए बंद करें और यह सुनिश्चित करें कि जिला योजना बैठकों के दौरान केवल सादा भोजन ही परोसा जाए।
मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी किसानों से सार्वजनिक रूप से अपील की है कि वे इस मुश्किल समय में अपने खर्च कम से कम रखें।
मंजूरी की समय-सीमा
हाल ही में सदस्यों के शपथ लेने के बाद GAD ने 4 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय के लिए गाड़ियों की समीक्षा के बाद संशोधित योजना की घोषणा की। गाड़ी खरीदने के लिए उसी दिन प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई और इसके बाद हाल ही में जारी जीआर में इसके लिए फंड को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई।
