विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

महाराष्ट्र: लातूर जिला जल संकट क्षेत्र घोषित, बोरवेल और भूजल निकालने पर पाबंदिया लागू

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:06 PM (IST)

लातूर जिले को एक साल के लिए जल संकट क्षेत्र घोषित किया गया है, जिसके तहत भूजल निकालने और बोरवेल खोदने पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।

लातूर एक साल के लिए जल संकट क्षेत्र घोषित। (फोटो-AI जेनरेटेड)

लातूर एक साल के लिए जल संकट क्षेत्र घोषित। (फोटो-AI जेनरेटेड)

HighLights

  1. लातूर एक साल के लिए जल संकट क्षेत्र घोषित।

  2. भूजल निकालने और बोरवेल खोदने पर रोक।

  3. नियम तोड़ने पर आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लातूर प्रशासन ने जिले को एक साल के लिए जल संकट क्षेत्र घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र भूजल अधिनियम 2009 के तहत अब भूजल निकालने और बोरवेल खोदने पर पाबंदियां लगा दी गई हैं। अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को जानकारी देते हुए बताया कि इस मानसून में बारिश की कमी के कारण जिले में भूजल स्तर लगभग 4.58 मीटर नीचे गिर गया है।

नए बोरवेल और कुओं की खुदाई पर रोक

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कृषि या औद्योगिक उद्देश्यों के लिए 60 मीटर से अधिक गहरे कुएं या बोरवेल खोदने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पीने के पानी के सार्वजनिक जल स्रोतों के 500 मीटर के दायरे में कोई भी नया बोरवेल नहीं खोदा जा सकेगा। उल्लंघन करने पर बोरवेल को तुरंत सील या जब्त कर लिया जाएगा।

सार्वजनिक पेयजल स्रोतों के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले निजी कुओं और बोरवेल से व्यावसायिक या सिंचाई के लिए बेरोकटोक पानी निकालने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। सक्ष्म प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना टैंकरों के जरिए भूजल की व्यावसायिक बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

बोरवेल ड्रिलिंग मशीनों का रजिस्ट्रेशन जरूरी

जिले में संचालित होने वाली सभी बोरवेल ड्रिलिंग मशीनों के मालिकों को 30 दिनों के अंदर संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या तहसीलदार के पास अपनी मशीनरी का पंजीकरण कराना होगा। बिना अनुमति के बोरवेल खोदने वाली मशीनों को प्रशासन द्वारा जब्त कर लिया जाएगा।

उल्लंघन करने पर आपराधिक कार्रवाई

जिले में सख्त नियमों को लागू करने के लिए SDM, तहसीलदार, BDO और पुलिस अधिकारियों को निरीक्षण करने, अवैध उपकरण जब्त करने और बिजली कनेक्शन काटने के अधिकार दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।

बता दें महाराष्ट्र सरकार ने लातूर जिले के सभी 10 तहसीलों को सूखा घोषित कर दिया है।

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र: ठाणे और पुणे में 48 लाख का एक्सपायर्ड फूड जब्त, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर समेत 10 पर FIR