नासिक TCS केस की जांच शुरू, 4 सदस्यीय पैनल बना; रिटायर्ड जज और एक्स आईपीएस शामिल
नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले की जांच तेज हो गई है। एक फैक्ट ...और पढ़ें

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने संभाला मोर्चा ATS ने की कार्रवाई (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नासिक स्थित टीसीएस ऑफिस से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले में जांच तेज हो गई है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने शनिवार से अपनी जांच शुरू कर दी है। कमेटी की सदस्य और वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा कि वे सभी पक्षों से बात करके सच्चाई सामने लाएंगे।
मोनिका अरोड़ा ने बताया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि जांच पूरी होने के बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि कमेटी में चार सदस्य हैं, जिनमें एक सेवानिवृत्त जज, एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी, एक वकील और राष्ट्रीय महिला आयोग से जुड़ा एक समन्वयक शामिल है।
ATS की कार्रवाई
इस मामले को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया और कार्रवाई की मांग की। वहीं, महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने दो आरोपियों साफी शेख और रजा मेमन को हिरासत में लिया है। ATS फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही है। यह मामला कथित जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ा बताया जा रहा है और पुलिस इसकी गहराई से जांच कर रही है।
टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि कंपनी ने जांच के लिए डेलॉइट और ट्राइलीगल जैसी बाहरी एजेंसियों को जोड़ा है। इसके अलावा आर्थी सुब्रमणियन की अगुवाई में आंतरिक जांच भी चल रही है, जबकि केकी मिस्त्री की अध्यक्षता में एक अलग कमेटी बनाई गई है। कंपनी का कहना है कि शुरुआती जांच में नासिक यूनिट से इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। साथ ही, कंपनी का कामकाज सामान्य रूप से जारी है।
सरकार और मानवाधिकार आयोग की नजर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार इसकी गहराई से जांच कर रही है और अगर इसमें किसी तरह की साजिश सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने टीसीएस से पिछले तीन साल के शिकायत रिकॉर्ड, POSH कमेटी और सभी कार्यालयों की जानकारी मांगी है। साथ ही महाराष्ट्र पुलिस से FIR से जुड़ी जानकारी दो हफ्ते में देने को कहा गया है।
इस मामले में अब तक कुल 9 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें एक देवळाली कैंप थाने में और 8 मुंबई नाका थाने में दर्ज हुए हैं। जांच जारी है और सभी एजेंसियां इस मामले की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
