नशीला शीर खुरमा, काला जादू... नासिक TCS कांड में कई अहम खुलासे; फेस स्कैन से सामने आएगा सच
नासिक टीसीएस यूनिट में कथित धर्म परिवर्तन मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में नशीला शीर खुरमा, काला ...और पढ़ें
-1777104036125_m.webp)
नासिक टीसीएस केस नशीली शीर खुरमा से फंसा मामला (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नासिक स्थित टीसीएस यूनिट में कथित धर्म परिवर्तन मामले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में 'शीर खुरमा' नाम की मिठाई अहम सुराग बनकर सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाया गया था।
एक कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि आरोपी पहले उससे दोस्ती करते गए और फिर धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फंसाया। उसने आरोप लगाया कि ईद के दिन तौसीफ बिलाल अत्तार के घर पर शीर खुरमा खाने के बाद उसे चक्कर आने लगे और वह खुद को असामान्य महसूस करने लगा।
इसके बाद आरोपियों ने उसकी पारिवारिक परेशानियों और मानसिक तनाव का फायदा उठाते हुए 'ब्लैक मैजिक' को समाधान के तौर पर पेश किया और उसे धार्मिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दबाव बनाया।
वीडियो और ऑफिस रिपोर्ट से बनाया दबाव
कर्मचारी के अनुसार, इस दौरान उसे धार्मिक प्रतीक पहनने के लिए मजबूर किया गया और उसका वीडियो भी बनाया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड कर उसे ‘टीसीएस नासिक’ व्हाट्सएप ग्रुप में डाला गया।
साथ ही आरोपियों ने उसके खिलाफ फर्जी नेगेटिव परफॉर्मेंस रिपोर्ट उसके ऑफिस में भेजीं, ताकि उसकी नौकरी में अस्थिरता पैदा हो और वह उन पर निर्भर हो जाए। सूत्रों के मुताबिक, जिस होटल में कर्मचारी को उसकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ खाना खिलाया गया, वह भी पुलिस की जांच के दायरे में है।
तकनीकी जांच से खुलने लगे राज
जांच एजेंसियां उस दुकान का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं, जहां से वायरल वीडियो में दिख रही धार्मिक टोपी खरीदी गई थी। इसके अलावा, एक मारुति स्विफ्ट कार को भी जब्त करने की कोशिश हो रही है, जिसका इस्तेमाल आरोपी ने कर्मचारी को अलग-अलग जगह ले जाने में किया था।
इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। टीसीएस ने सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, कुछ महिला कर्मचारियों ने भी अपने सहकर्मियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
फेस आईडी खुलते ही मिला अहम डेटा
मामले की जांच उस समय तेज हुई जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को एक बड़ी तकनीकी सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी दानिश एजाज शेख के मोबाइल फोन में हाई-लेवल सिक्योरिटी लगी हुई थी, जिससे जांच में देरी हो रही थी।
हर फाइल और ऐप अलग-अलग पासवर्ड और फेस आईडी से लॉक थी। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस आरोपी को फॉरेंसिक लैब ले गई, जहां उसके फेस आईडी से फोन अनलॉक कराया गया। फोन खुलने के बाद पुलिस को अहम डिजिटल सबूत और बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में मदद करेंगे।
आरोपियों पर लगी गंभीर धाराएं
मुंबई नाका पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों तौसीफ बिलाल अत्तार, दानिश एजाज शेख, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी और रजा रफीक मेमन को नासिक रोड सेंट्रल जेल से हिरासत में लिया है। इन पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाएं भड़काने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 29 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है, ताकि एसआईटी इस पूरे नेटवर्क और फंडिंग की जांच कर सके।
