IIT बॉम्बे में एक नया विवाद, एक अतिथि ने की जातिसूचक टिप्पणी
आईआईटी बॉम्बे में एक अतिथि श्याम कचोलिया के खिलाफ संविधान और डॉ. आंबेडकर पर कथित जातिसूचक टिप्पणी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

IIT बॉम्बे में एक नया विवाद।
HighLights
आईआईटी बॉम्बे में अतिथि पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप।
संविधान और डॉ. आंबेडकर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के पवई परिसर में संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर कथित जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आया है।
आईआईटी के वन विहार गेस्ट हाउस में ठहरे 70 वर्षीय अतिथि श्याम कचोलिया के खिलाफ पवई पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(यू) और 3(1)(वी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, घटना पांच अक्टूबर को वन विहार गेस्ट हाउस के रिसेप्शन पर हुई। शिकायत में कहा गया है कि जयपुर से आए और कमरा नंबर 315 में ठहरे कचोलिया आईआईटी बॉम्बे में चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर संविधान और उसके निर्माता डॉ. आंबेडकर के संदर्भ में जातिसूचक टिप्पणी कर दी।
दर्ज एफआईआर के अनुसार उन्होंने कहा, "देश का संविधान भंगी ने बनाया है, तो भंगी के हिसाब से बनेगा।" पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आईआईटी के आंबेडकर पेरियार फुले स्टडी सर्किल (एपीपीएससी) ने सोशल मीडिया मंचों पर घटना को लेकर बयान जारी किया।
आरोप लगाया कि गेस्ट हाउस की लाबी में एक अतिथि ने संविधान और डॉ. आंबेडकर के खिलाफ जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल किया। 27 सेकेंड का एक वीडियो भी साझा किया गया है।
गौरतलब है कि आईआईटी मुंबई में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को हुई मौत को लेकर छात्र पहले से ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
