मुंबई के आईसीटी में छात्र ने हॉस्टल में की आत्महत्या, घटना से पहले डॉक्टर को किया था मैसेज
मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) में 19 वर्षीय छात्र सिद्धेश पाटिल ने हॉस्टल में आत्महत्या कर ली।

आईसीटी मुंबई में 19 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या।
HighLights
आईसीटी मुंबई में 19 वर्षीय छात्र सिद्धेश पाटिल ने की आत्महत्या।
छात्र सिद्धेश पाटिल अवसाद का इलाज करवा रहा था।
आत्महत्या से पहले मनोचिकित्सक को भेजा था संदेश।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। मध्य मुंबई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) के द्वितीय वर्ष के 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र सिद्धेश पाटिल ने कथित तौर पर अपने छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नासिक निवासी सिद्धेश का अवसाद का इलाज चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले उसने अपने मनोचिकित्सक को संदेश भेजकर आत्महत्या के विचार आने की बात कही थी। इसके बाद डॉक्टर ने तत्काल उसके परिवार को सूचित किया, लेकिन उसके दोस्तों के कमरे तक पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सिद्धेश ने मंगलवार रात अपने मनोचिकित्सक को संदेश भेजा था। इसमें उसने आत्महत्या के विचार आने की जानकारी दी थी। संदेश मिलते ही डॉक्टर ने उसके परिवार को इसकी सूचना दी। परिवार ने भी बिना देर किए छात्रावास में रहने वाले सिद्धेश के दोस्तों से संपर्क किया और उनसे उस पर नजर रखने का आग्रह किया।
हालांकि, दोस्त जब तक उसके कमरे तक पहुंचते, तब तक कथित तौर पर वह आत्मघाती कदम उठा चुका था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
माटुंगा पुलिस स्टेशन में इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं और छात्र की मानसिक स्थिति कैसी थी।
फिलहाल, मामले में किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) मुंबई का 90 वर्ष से अधिक पुराना प्रतिष्ठित सार्वजनिक विश्वविद्यालय है। यह संस्थान रासायनिक अभियांत्रिकी, रासायनिक प्रौद्योगिकी और फार्मेसी के क्षेत्र में शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए जाना जाता है।
बता दें कि करीब एक माह पहले 18 सितंबर को आईआईटी मुंबई के छात्र साहिल वाकोड़े ने भी अपने हास्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली थी। उसकी आत्महत्या को राजनीतिक मुद्दा बनाकर करीब 15 दिन तक आंदोलन चलते रहे थे। इस मामले की जांच अभी चल रही है।
