मुंबई, एएनआइ। Bhima Koregaon Case: भीमा कोरेगांव मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को गौतम नवलखा की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख छह दिसंबर तक बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि इससे पहले पुणे की स्थानीय सत्र अदालत ने एलगार परिषद मामले में गिरफ्तार माओवादी कार्यकर्ता गौतम नवलखा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। गौतम नवलखा ने गत पांच नवंबर को अग्रिम जमानत के लिए सत्र अदालत में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने गत 15 अक्टूबर को गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से चार हफ्ते की अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। बांबे हाई कोर्ट द्वारा अपने ऊपर से मामला खत्म करने की याचिका खारिज किए जाने के बाद नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल गिरफ्तारी से उन्हें राहत देते हुए स्थानीय अदालत जाने को कहा था।

पुलिस के अनुसार, नवलखा ने 31 दिसंबर, 2017 को भीमा कोरेगांव में आयोजित एल्गार परिषद में भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके चलते वहां जातीय हिंसा भड़क गई थी। पुलिस का कहना है कि एल्गार परिषद को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सुधा भारद्वाज और वरवर राव सहित 10 माओवादी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन नवलखा की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

गौतम नवलखा और अन्य माओवादियों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौतम नवलखा सामाजिक कार्यकर्ता है। वह कश्मीर मुद्दे पर जनमत संग्रह के समर्थन को लेकर चर्चा में रह है। इस कारण उन्हें मई, 2011 में श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था। गौतम नवलखा पर नक्सलियों से संबंध के आरोप भी लगते रहे हैं। भीमा कोरेगांव को लेकर गौतम नवलखा खासा चर्चित रहा है। इस मामले की शुरुआत में देश के अधिकांश क्षेत्रों में खूब विरोध हुआ था। 

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Posted By: Sachin Mishra

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