नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि पुणे स्थित कारोबारी अविनाश भोसले के खिलाफ मनी लांड्रिंग जांच के तहत चार करोड़ रुपये की जमीन जब्त की गई है। जांच एजेंसी ने कहा है, 'जब्त संपत्ति जमीन है जहां एबीआइएल (अविनाश भोसले इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) का कारपोरेट कार्यालय एवं अन्य समूह कंपनियां स्थित हैं। अविनाश भोसले एबीआइएल समूह की कंपनियों के प्रमोटर हैं।' यह जमीन पुणे के गणेशखिंड रोड पर यशवंत गाडगे नगर कोआपरेटिव हाउसिंग सोसायटी, रांगे हिल कार्नर में प्लाट नंबर दो है। जांच एजेंसी ने मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जमीन जब्त करने के लिए प्रोविजनल आदेश जारी किया है।

भोसले के खिलाफ ईडी का मनी लांड्रिंग मामला सिटी पुलिस की एफआइआर पर आधारित है। एफआइआर में आरोप लगाया गया है कि रंजित मोहिते द्वारा एआरए प्रोपर्टीज को मूल आवंटन शर्तो का उल्लंघन करते हुए भूमि स्थानांतरित की गई थी। ईडी ने कहा है, '1951 में आवंटन के समय सरकार द्वारा तय की गई प्राथमिक शर्त के अनुसार, भूमि केवल सरकार या कमीशंड अधिकारी को स्थानांतरित की जा सकती थी।' इससे पहले की गई छापेमारी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। छापेमारी में एफआइआर की पुष्टि करने वाले दस्तावेज भी पाए गए। इस मामले में ईडी भोसले से पूछताछ कर चुकी है।

गौरतलब है कि मनी लांड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर जिले में दो आवासों पर छापेमारी की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ईडी की दो अलग-अलग टीमों ने यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित कटोल शहर में देशमुख के आवास और कटोल के समीप वाडविहीरा गांव में उनके पैतृक घर पर छापे मारे। छापेमारी की शुरुआत सुबह करीब छह बजे हुई। अधिकारी ने बताया कि देशमुख के कटोल स्थित परिसर पर तलाशी अभी चल रही है, जबकि वाडविहीरा में तलाशी पूरी हो गई। ईडी कथित तौर पर करोड़ों रुपये के रिश्वत व वसूली से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच कर रही है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra