विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'...यदि किसान जान देता है तो कर्ज देने वाले पर दर्ज होगा हत्या का मामला', किसानों के उत्पीड़न पर सख्त हुए शिंदे

Published: Mon, 02 Nov 2026 11:00 PM (IST)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चेतावनी दी है कि यदि कर्ज वसूली से परेशान किसान आत्महत्या करता है, तो ...और पढ़ें

किसानों के उत्पीड़न पर सख्त हुए शिंदे (फाइल फोटो)

किसानों के उत्पीड़न पर सख्त हुए शिंदे (फाइल फोटो)

HighLights

  1. किसान आत्महत्या पर कर्जदाताओं पर हत्या का मामला: शिंदे

  2. वित्तीय कंपनियों को किसान उत्पीड़न के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी

  3. नांदेड़ में कर्ज वसूली के विरोध में कार्यालयों में तोड़फोड़

राज्य ब्यूरो, मुंबई । महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चेतावनी दी है कि यदि सूखा प्रभावित किसान को परेशान किए जाने के कारण वह आत्महत्या कर लेता है तो कर्ज देने वाली फाइनेंस कंपनियों और बैंकों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।

सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और हर संभव मदद देगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस कृषि संकट के दौरान हिम्मत न हारें। वह नांदेड़ जिले के वाडी बुद्रुक में 100 बिस्तरों वाले उप जिला अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने वित्तीय संस्थानों और रिकवरी एजेंटों को चेतावनी दी कि वे कर्ज वसूली के लिए किसानों को परेशान न करें। उन्होंने कहा कि जबरन वसूली के तरीकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सूखे की मार झेल रहे किसानों पर कर्ज वसूली के कथित दबाव को लेकर सोमवार को नांदेड़ जिले के लोहा में हंगामा हुआ। क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के कार्यकर्ताओं ने श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस के कार्यालयों में तोड़फोड़ की। संगठन का आरोप है कि निजी फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट किसानों को कर्ज चुकाने के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं।

संगठन के जिला प्रमुख बालासाहेब जाधव ने बताया कि किसानों की शिकायतों पर संगठन के पदाधिकारी दोनों कंपनियों के कार्यालय पहुंचे थे। अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट होने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने डंडों से दरवाजे, टेबल, कंप्यूटर और अन्य फर्नीचर तोड़ दिए। घटना के दौरान कार्यालयों में मौजूद कर्मचारी बाहर निकल गए।

जाधव ने आरोप लगाया कि रिकवरी एजेंट सुबह आठ बजे से ही गांवों में पहुंचकर किसानों पर वसूली का दबाव बनाते हैं। उत्पीड़न से परेशान कुछ ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वसूली का यही तरीका जारी रहा तो संगठन आंदोलन तेज करेगा और कंपनियों के कार्यालयों में आग लगाने से भी पीछे नहीं हटेगा।

सहायक पुलिस निरीक्षक आदित्य घोडके ने बताया कि दोनों कंपनियों की शिकायत मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि कर्ज वसूली का विवाद नांदेड़ के किसान चंद्रकांत शिंदे और लातूर के दत्तात्रेय कुंभार की मौत के बाद और गहराया है। शिंदे पिछले महीने एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में मृत मिले थे। इस मामले में अपहरण और हत्या का केस दर्ज कर कंपनी से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, कुंभार 26 अक्टूबर को अंकुलगा रानी गांव स्थित अपने घर में फंदे से लटके मिले थे। पुलिस के अनुसार, वह निजी फाइनेंस कंपनियों के कर्ज का भुगतान नहीं कर पाने से परेशान थे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।