मुंबई, प्रेट्र/एएनआइ। महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोरोना के 43211 नए मामले सामने आए हैं, 33356 लोग डिस्चार्ज हुए और 19 लोगों की मौत हो गई है। राज्य में ओमिक्रोन के 238 नए मामले सामने आए हैं। ओमिक्रोन के कुल मामलों की संख्या 1605 है। इस बीच, मुंबई में कोरोना के 11317 नए मामले सामने आए और नौ मौतें हुईं हैं। सक्रिय मामले 84,352 हैं। इस बीच, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए घरेलू जांच किट के इस्तेमाल में वृद्धि को देखते हुए शहर में घरेलू एंटीजन जांच किट के निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं को नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गुरुवार को जारी एक आदेश में नागरिक निकाय ने घरेलू एंटीजन परीक्षण किटों के निर्माण, आपूर्ति और बिक्री के लिए जिम्मेदार लोगों को हर दिन एक निर्धारित प्रारूप में नागरिक अधिकारियों और खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) को कुछ विवरण ईमेल करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया कि प्रयोगशालाओं या व्यक्तियों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) को रैपिड एंटीजन टेस्ट किट या होम टेस्ट किट का उपयोग करके किए गए सभी कोविड-19 परीक्षणों के परिणामों की रिपोर्ट करना आवश्यक है।

होम टेस्टिंग किट की बिक्री व उपयोग पर बीएमसी की नजर

नागरिक निकाय ने कहा कि कुछ मामलों में घरेलू परीक्षण किट के परिणाम आइसीएमआर को नहीं बताए गए हैं, जिससे अधिकारियों को रोगियों का ट्रैक खोना पड़ता है, जिससे संक्रमण आगे बढ़ता है। बीएमसी के आदेश में कहा गया है कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ऐसे व्यक्तियों पर नजर रखना आवश्यक है। नए दिशानिर्देशों के तहत घरेलू परीक्षण किट के निर्माताओं और वितरकों को एफडीए आयुक्त और नागरिक निकाय को मुंबई में केमिस्टों और मेडिकल स्टोरों को बेची जाने वाली किटों की संख्या के बारे में विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। केमिस्ट और मेडिकल स्टोर्स को ग्राहकों को बेचे जाने वाले टेस्ट किट का विवरण प्रतिदिन शाम छह बजे तक निर्धारित प्रारूप में ईमेल करने का निर्देश दिया गया है। दिशानिर्देशों के अनुसार, एफडीए आयुक्त मुंबई में सभी केमिस्टों और मेडिकल स्टोरों के किटों के वितरण और बिक्री की निगरानी करेंगे और उन्हें ग्राहकों को दिए गए एप पर परीक्षण के परिणामों की रिपोर्ट करने के लिए सूचित करने के लिए कहेंगे।

ऐसे होगी निगरानी

आदेश में बीएमसी की महामारी विज्ञान प्रकोष्ठ और वार्ड टीमों की भूमिका को भी परिभाषित किया गया है। महामारी विज्ञान प्रकोष्ठ को निर्माताओं, वितरकों, केमिस्टों, फार्मेसी, मेडिकल स्टोर और अन्य स्रोतों से ईमेल के माध्यम से प्राप्त डेटा की निगरानी करनी होगी और इसे आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित वार्ड और स्वास्थ्य के चिकित्सा अधिकारियों को अग्रेषित करना होगा। आदेश में कहा गया है कि वार्ड की टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि लोग अपने परीक्षा परिणाम आइसीएमआर वेबसाइट या एप्लिकेशन पर अपलोड करें और मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी करें। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra