मुंबई, प्रेट्र। मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर (अंटीलिया) के पास विस्फोटक लदी कार खड़ी किए जाने के मामले में एक विशेष अदालत ने गुरुवार को बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की स्वत: जमानत के लिए दाखिल अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए और एक महीने की मोहलत दी है। इससे पहले नौ जून को कोर्ट ने एनआइए को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए दो महीने की मोहलत दी थी। केंद्रीय एजेंसी ने यह कहते हुए और एक महीने की मोहलत मांगी थी कि मामले की जांच जारी है। दूसरी तरफ, वाझे ने जमानत की मांग करते हुए कहा था कि जांच एजेंसी तय समय सीमा में आरोप पत्र दाखिल करने में विफल रही है, इसलिए वह मुक्त किए जाने का पात्र है।

विशेष एनआइए अदालत ने यह कहते हुए वाझे की याचिका खारिज कर दी कि उसमें कोई दम नहीं है। अदालत उसकी एक ऐसी ही याचिका जून में भी खारिज कर चुकी है। गौरतलब है कि वाझे को ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के बाद 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। 25 फरवरी को अंटीलिया के पास पाई गई विस्फोटक लदी कार मनसुख की थी, लेकिन उसने दावा किया था कि वारदात से पहले गाड़ी चोरी हो गई थी। इस मामले में वाझे के अलावा पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा व कुछ अन्य पूर्व पुलिस कर्मी आरोपित हैं।

गौरतलब है कि मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में एक नई जानकारी सामने आई है। इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने कलवा रेलवे स्टेशन के बाहर रुमाल बेचने वाले एक फेरीवाले का बयान दर्ज किया है। एनआइए को शक है कि चार मार्च को मनसुख से मिलने से पहले हत्यारोपित सचिन वाझे ने उसी फेरीवाले से रुमाल का सेट खरीदा था। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने उस जगह का सीसीटीवी फुटेज मंगवाया है, जहां वाझे जैसे डीलडौल का आदमी फेरीवाले से रुमाल खरीदते दिख रहा है। एजेंसी को शक है कि हत्या के बाद उन्हीं रुमालों को मनसुख के मुंह में ठूंस दिया गया था। पांच मार्च को हिरेन का शव खाड़ी में पाया गया तो उसे मंकी कैप पहनाई हुई थी और उसके मुंह में कई रुमाल ठूंसे मिले थे। ठाणे पुलिस ने शव की बरामदगी के समय का वीडियो बनाया था।

Edited By: Sachin Kumar Mishra