मुंबई, राज्य ब्यूरो। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें अपशब्द तक कह डाले। वह शुक्रवार को मुंबई कांग्रेस द्वारा नोटबंदी की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे।

 निरुपम ने कहा कि हर बुरे काम के लिए ये लोग कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हैं। नरेंद्र मोदी से बुरा तो कुछ है ही नहीं। ऐसा न हो कि नरेंद्र मोदी की पैदाइश के लिए भी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा दिया जाए। निरुपम यहीं नहीं रुके। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपके जैसे क्रूर नहीं हैं कि आपको फांसी पर चढ़ाएं।

आपको फांसी पर चढ़ना है और यह काम देश की जनता अगले साल करेगी। आपको शारीरिक रूप से नहीं मारा जाएगा। अगले साल चुनाव में आपकी राजनीतिक हत्या होगी। मोदी ने सामान्य और गरीब नागरिकों को संकट में डालने के लिए नोट बदले। हम गरीबों से आह्वान करेंगे कि आप प्रधानमंत्री बदलो।

निरुपम के इस बयान ने भाजपा में रोष पैदा कर दिया है। मुंबई भाजपा के महासचिव अमरजीत मिश्र का कहना है कि निरुपम इस देश की संस्कृति और विपक्ष की शालीनता भूल गए हैं। अटलबिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान शिवसेना में रहते हुए वह ऐसी ही भाषा के कारण अपनी पार्टी को संकट में डालते रहे। और अब कांग्रेस में भी वह इस प्रकार नीचे गिरकर बयान दे रहे हैं।

मुंबई भाजपा अध्यक्ष ने इस विषय में कुछ भी कहने से इन्कार किया है। लेकिन प्रदेश भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी का कहना है कि कांग्रेस के नेताओं से इससे ज्यादा उम्मीद की भी नहीं जा सकती। कांग्रेस के सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे नेता प्रधानमंत्री के बारे में जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, निरुपम उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहे हैं।

कर्नाटक में कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर भी विवाद
बेंगलुरु। कर्नाटक में पूर्व मंत्री टीबी जयचंद्र ने भी नोटबंदी की दूसरी वर्षगांठ पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री का एक बयान दोहरा कर विवाद पैदा कर दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि यदि फैसले के लिए उन्हें जिंदा जलाया जाता है तो वह उससे भी नहीं भागेंगे। भाजपा ने कांग्रेस नेता की टिप्पणी को अपमानजनक और निंदनीय कहा है।

जयचंद्र ने शुक्रवार को तुमकुरु में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कहा, 'प्रधानमंत्री ने (नोटबंदी के बाद) स्थिति संभालने के लिए 50 दिनों का समय मांगा था। उन्होंने कहा था कि यदि वह इस परीक्षा से उबरने में नाकाम रहे तो लोग उन्हें जिंदा जला दें। शायद उन्हें जिंदा जला देने का समय आ गया है।'

 

Posted By: Arun Kumar Singh