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बॉम्बे HC से नितिन गडकरी को राहत, मेटा-एक्स और गूगल को E20 से जुड़े फर्जी पोस्ट हटाने के आदेश

Published: Wed, 05 Aug 2026 01:17 PM (IST)

बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की याचिका पर मेटा, एक्स और गूगल को उनके खिलाफ अपमानजनक पोस्ट ...और पढ़ें

मामले की सुनवाई जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच कर रही थी (फोटो: पीटीआई)

मामले की सुनवाई जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच कर रही थी (फोटो: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से दायर याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड की गई पोस्ट को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि ऐसी पोस्ट घिनौनी, अपमानजनक, अश्लील और मानहानि करने वाली हैं।

अदालत ने कहा कि ऐसी पोस्ट के लिए ऑनलाइन कोई जगह नहीं होनी चाहिए जहां हर कोई, खासकर युवा पीढ़ी, उन्हें देख सके। बेंच ने मेटा, एक्स और गूगल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म को ऐसी पोस्ट खुद ही हटा देनी चाहिए।

सिंगल बेंच ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच कर रही थी। जस्टिस आरिफ ने कहा कि ये पोस्ट देखने में ही अपमानजनक, घिनौनी और अश्लील हैं। उन्होंने कहा, 'आपके पास इतनी सारी टेक्नोलॉजी है, तो क्या आपके पास कोई ऐसा सिस्टम नहीं है जिससे ऐसे मामलों का पता चल सके?'

कोर्ट ने पूछा कि अगर कोई अश्लील या अपमानजनक चीज डालता है, तो उसे तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। यह बहुत ही घिनौना है। कोई बस जहर उगल रहा है। अदालत ने निर्देश दिया कि भविष्य में ऐसी किसी भी पोस्ट के लिए मंत्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संपर्क कर सकते हैं और फिर प्लेटफॉर्म को पोस्ट हटानी पड़ेगी।

4 हफ्ते बाद फिर सुनवाई

कोर्ट ने यह भी कहा कि भविष्य में कोई ऐसा सिस्टम होना चाहिए जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना किसी व्यक्ति के कोर्ट गए ही ऐसी सामग्री को हटा दें। मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद तय की गई है।

बता दें कि नितिन गडकरी ने एथनॉल नीति को लेकर अपने खिलाफ की गई पोस्ट के लिए मेटा, गूगल और एक्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उन्होंने मानहानि करने वाले कंटेंट के लिए 11 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की थी।

याचिका में कहा गया था कि उन्हें एथनॉल नीति के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बताया गया है और आरोप लगाया गया है कि उन्हें और उनके परिवार को इससे आर्थिक लाभ हुआ है, जबकि इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम और E20 पॉलिसी का संचालन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय करता है।

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