विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एंटीलिया बम कांड में आरोपी सचिन वाझे की जमानत रद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलटा स्पेशल कोर्ट का फैसला

Published: Thu, 05 Nov 2026 07:39 PM (IST)

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में सचिन वाझे को NIA की स्पेशल ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत रद कर दी है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सचिन वाजे की जमानत रद की

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सचिन वाजे की जमानत रद की

HighLights

  1. बॉम्बे हाई कोर्ट ने सचिन वाझे की जमानत रद की

  2. एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्याकांड से जुड़ा मामला

  3. NIA की अपील पर स्पेशल कोर्ट का फैसला पलटा गया

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में सचिन वाझे को NIA की स्पेशल ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद कर दिया।

जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की स्पेशल बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, '29 सितंबर को स्पेशल ट्रायल कोर्ट द्वारा वाझे की जमानत अर्जी पर दिया गया आदेश रद किया जाता है और NIA की अपील मंजूर की जाती है।'

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सचिन वाझे की जमानत रद की

16 अक्टूबर को, हाई कोर्ट ने NIA द्वारा दायर उस अपील पर सुनवाई पूरी कर ली थी, जिसमें स्पेशल ट्रायल कोर्ट द्वारा बर्खास्त पुलिस अधिकारी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले, हाई कोर्ट की बेंच ने जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी। 29 सितंबर को, मुंबई में NIA की एक स्पेशल ट्रायल कोर्ट ने वाझे को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने माना था कि पहली नजर में 'आतंकवादी कृत्य' का कोई मामला नहीं बनता है, जो कि आतंकवाद-रोधी कानून, 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आता हो।

हालांकि, NIA ने अपनी अपील में कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने चार्जशीट की सामग्री पर सही दृष्टिकोण से विचार नहीं किया था। 25 फरवरी 2021 के एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में वाझे मुख्य आरोपी है।

NIA की अपील पर स्पेशल कोर्ट का फैसला पलटा 

NIA की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने बताया कि कार में जिलेटिन की छड़ें और एक धमकी भरा नोट मिला था, जिसने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के सबसे अमीर परिवार को धमकी देने का मकसद एक ऐसा संदेश देना था, जिससे देश की सुरक्षा या आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी, या समाज में दहशत फैल सकती थी।

वाझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है। उनके वकील, वी.एम. थोराट ने जमानत के आधार के रूप में उनके लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला दिया।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चूंकि मौके से कोई डेटोनेटर नहीं मिला, इसलिए इस घटना को 'आतंकी कृत्य' नहीं माना जा सकता और इस पर UAPA के सख्त प्रावधान लागू नहीं होते।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सभी फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं आ जातीं, तब तक ट्रायल शुरू नहीं हो सकता। वहीं, NIA की ओर से सिंह ने तर्क दिया कि आरोप तय किए जा चुके हैं और ट्रायल जल्द ही शुरू हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा, "यह कोई निजी मामला नहीं है। फोरेंसिक रिपोर्ट से यह साबित हो चुका है कि इसमें विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था।'

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।