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महाराष्ट्र: शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका, प्रवक्ता आनंद दुबे ने छोड़ी पार्टी

Published: Mon, 12 Oct 2026 09:16 PM (IST)

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा और वैचारिक रुख से असहमति जताते हुए इस्तीफा दे दिया है।

आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) से इस्तीफा दिया

आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) से इस्तीफा दिया

HighLights

  1. आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) से इस्तीफा दिया

  2. पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा से असहमति जताई

  3. बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व से समझौता करना असंभव

राज्य ब्यूरो, मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा और वैचारिक रुख से असहमति जताते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा और अपने राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता करके राजनीति करना उनके लिए संभव नहीं है।

दुबे के मुताबिक, पार्टी की वर्तमान राजनीतिक लाइन और उनकी वैचारिक प्रतिबद्धताओं के बीच बढ़ते मतभेदों के कारण उनके लिए पार्टी का पक्ष रखना मुश्किल हो गया था।

आनंद दुबे ने शिवसेना (यूबीटी) से इस्तीफा दिया

मुंबई प्रेसक्लब में एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि उनका फैसला किसी व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम नहीं, बल्कि विचारधारा और सिद्धांतों से जुड़ा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए राजनीतिक पद और पहचान से ज्यादा महत्वपूर्ण अपनी मान्यताओं के प्रति ईमानदार रहना है। आनंद दुबे ने शिवसेना की ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की स्थापना हिंदुत्व और मराठी अस्मिता के मुद्दों पर हुई थी।

बालासाहेब ठाकरे ने पार्टी को एक स्वतंत्र राजनीतिक पहचान दी थी। ऐसे में कांग्रेस और राहुल गांधी के साथ बढ़ती राजनीतिक नजदीकी समझ से परे है।

दुबे का कहना है कि गठबंधन की राजनीति में शामिल होने के बावजूद किसी भी दल को अपनी मूल विचारधारा और राजनीतिक पहचान स्पष्ट रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी पार्टी के साथ गठबंधन करना और उसके प्रत्येक राजनीतिक रुख का समर्थन करना अलग-अलग बातें हैं।

पार्टी की राजनीतिक दिशा से असहमत

चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद पर बोलते हुए दुबे ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर उठाए जाने चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों की आलोचना करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राजनीतिक बहस नीतियों, प्रशासन और जनहित पर केंद्रित होनी चाहिए।

दुबे ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर से जुड़े मुद्दे पर भी पार्टी की प्रतिक्रिया को लेकर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्टी की ओर से सार्वजनिक बयान या स्पष्ट प्रतिक्रिया अपेक्षित थी।

उन्होंने कहा कि मैं बालासाहेब ठाकरे का शिवसैनिक हूं। मेरे लिए हिंदुत्व, विचारधारा और देश के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण हैं। मैं केवल पद या राजनीतिक पहचान बनाए रखने के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकता।

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