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'मतभेद भूलें, साथ आएं', शिवसेना की अपील पर क्या इंडी गठबंधन का साथ देंगे AAP और DMK?

Published: Thu, 08 Oct 2026 11:43 PM (IST)

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना ...और पढ़ें

इंडी गठबंधन का सीईसी के खिलाफ विरोध: उद्धव सेना ने कहा- एकजुट होकर लड़ें

इंडी गठबंधन का सीईसी के खिलाफ विरोध: उद्धव सेना ने कहा- एकजुट होकर लड़ें

HighLights

  1. उद्धव सेना ने कहा- एकजुट होकर लड़ें और आप डीएमके भी साथ दें

  2. डीएमके और कांग्रेस के बीच 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद रिश्ते बिगड़ गए थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ इंडी गठबंधन का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने आम आदमी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) से अपील की है कि वे कांग्रेस से मतभेद भुलाकर इस लड़ाई में शामिल हों।

पार्टी के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में शिवसेना ने लिखा कि पूरा देश एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन देख रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी और डीएमके इससे दूर रह गए हैं। दोनों पार्टियां आधिकारिक रूप से इंडी गठबंधन से बाहर निकल चुकी हैं। उनके अनुपस्थिति ने विपक्षी खेमे में रणनीति और विरोध के स्वरूप को लेकर मतभेदों को उजागर किया है।

पूर्व कांग्रेस नेता और राजनीतिक टिप्पणीकार संजय झा ने शिवसेना (यूबीटी) के इस सुझाव को बहुत व्यावहारिक, उचित और इस समय बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह भारतीय लोकतंत्र के खतरे का मुद्दा है। सीईसी स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं देंगे और मोदी सरकार किसी भी जवाबदेही की मांग को रोकने वाली है।

आप और डीएमके का रुख

आप ने साफ कह दिया है कि वह इंडी गठबंधन के प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेगी और अपने तरीके से लड़ रही है। डीएमके के रुख में थोड़ा अंतर दिख रहा है। प्रवक्ता सरवनन अन्नदुरई ने राहुल गांधी पर चुनावी सूची संशोधन को लेकर असंगत रुख अपनाने का आरोप लगाया और तमिलनाडु में कथित रूप से हटाए गए नामों पर स्पष्टीकरण मांगा।

वहीं, डीएमके के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने राहुल गांधी के विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि नागरिकों को सरकार की गलतियों के खिलाफ लड़ने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए बहुत उपयोगी साबित हुए हैं और कई राज्यों में दोबारा चुनाव होने चाहिए।

मतभेदों की जड़

डीएमके और कांग्रेस के बीच 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद रिश्ते बिगड़ गए थे। गठबंधन हारने के बाद कांग्रेस ने अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के साथ मिलकर सरकार बनाने में मदद की, जिसे डीएमके ने पसंद नहीं किया। तब से स्टालिन की पार्टी कांग्रेस पर हमलावर है। टीवीके अब इंडी गठबंधन में शामिल हो चुकी है।

आप और कांग्रेस के रिश्ते हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं। दोनों की कई राज्यों में प्रतिस्पर्धा है। 2024 लोकसभा चुनाव में दिल्ली, हरियाणा, गोवा, पंजाब और गुजरात में समझौता हुआ था, लेकिन नतीजे आने के बाद रिश्ते व्यावहारिक रूप से खत्म हो गए। जुलाई 2025 में अरविंद केजरीवाल ने आधिकारिक रूप से गठबंधन समाप्त करने की घोषणा की थी।