नासिक TCS धर्मांतरण केस में बड़ा एक्शन: निदा खान को छिपाने वाले AIMIM पार्षद की प्रॉपटी पर चला बुलडोजर
नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को संरक्षण देने के आरोप में छत्रपति संभाजी नगर निगम ने ...और पढ़ें

AIMIM पार्षद मतीन पटेल का अवैध निर्माण ध्वस्त

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के बहुचर्चित नासिक टीसीएस यौन उत्पीड़न एवं जबरन मतांतरण मामले में बुधवार को एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। छत्रपति संभाजी नगर नगर निगम (सीएसएमसी) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके आवास और कार्यालय के अवैध हिस्सों को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया है। मतीन पटेल पर यह कार्रवाई इस मामले की मुख्य आरोपित निदा खान को कई दिनों तक अपने परिसर में अवैध रूप से संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगने के बाद की गई है।
छत्रपति संभाजी नगर के महापौर समीर राजुरकर ने तीन दिन पहले ही संकेत दे दिए थे कि मतीन पटेल की संपत्तियों की जांच की जा रही है। अवैध पाए जाने पर उनपर कार्रवाई की जाएगी। बुधवार सुबह करीब 6:15 बजे नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता तीन जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ नारेगांव के कौसर बाग इलाके में पहुंचा।
AIMIM पार्षद का अवैध निर्माण ध्वस्त
किसी भी संभावित विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए इलाके में 100 से अधिक निगम अधिकारियों और भारी पुलिस बंदोबस्त की तैनाती की गई थी। कार्रवाई के तहत मतीन पटेल के करीब 600 वर्ग फुट के आवास, कार्यालय और कुछ व्यावसायिक दुकानों के अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
महापौर समीर राजुरकर और अतिक्रमण विरोधी विभाग के प्रमुख संतोष वाहुले ने बताया कि शनिवार को मतीन पटेल को उनकी संपत्तियों के अनधिकृत निर्माण के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे 72 घंटे के भीतर भवन निर्माण अनुमति और मालिकाना हक से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
पार्षद मतीन पटेल द्वारा तय समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब या दस्तावेज पेश न करने तथा स्थानीय अदालत से भी तत्काल राहत न मिलने के बाद नगर निगम ने अंतिम आदेश जारी कर इस ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम दिया। मतीन पटेल पर चुनाव के दौरान अवैध निर्माण की जानकारी छिपाकर झूठा हलफनामा देने के मामले में उनकी पार्षद सदस्यता रद्द किए जाने का खतरा भी मंडरा रहा है।
धर्मांतरण आरोपी निदा खान को दिया संरक्षण
बता दें कि नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) कार्यालय में महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और जबरन इस्लामिक रीति-रिवाज थोपकर मतांतरण कराने के प्रयास का एक बड़ा मामला मार्च में सामने आया था। इस मामले में नासिक पुलिस ने नौ पीड़ितों की शिकायत पर गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
मामले की मुख्य आरोपित निदा खान करीब 40 दिनों से फरार चल रही थी, जिसे नासिक और स्थानीय पुलिस की एसआईटी ने सात मई को छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव स्थित इसी दो मंजिला इमारत से गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में पता चला कि फरारी के दौरान एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल ने ही उसे यहां छिपने के लिए जगह और रसद मुहैया कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मतीन को मामले में सह-आरोपित बनाया है।
पार्षद सदस्यता रद होने का खतरा बढ़ा
बुधवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद छत्रपति संभाजी नगर में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। पूर्व एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार रात को मतीन के परिजनों से मुलाकात कर इस प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया था।
दूसरी तरफ, भाजपा और शिवसेना ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए आरोपित को संरक्षण देने वालों पर और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम प्रशासन अब महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के तहत मतीन पटेल की पार्षद सदस्यता रद्द करने के लिए भी कानूनी प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रहा है।
