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नासिक टीसीएस केस: निदा की गिरफ्तारी के बाद जांच और होगी तेज, सात आरोपित पहले ही गिरफ्तार

Published: Fri, 08 May 2026 07:03 PM (IST)

नासिक टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया ...और पढ़ें

नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले में जांच हुई तेज (फोटो- सोशल मीडिया)

नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले में जांच हुई तेज (फोटो- सोशल मीडिया)

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जागरण ब्यूरो, मुंबई। नासिक स्थित टीसीएस (TCS) कार्यालय में धर्मांतरण और यौन शोषण के गंभीर मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपित निदा खान को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के सभासद मतीन पटेल ने छुपाकर रखा था।

पुलिस ने गुरुवार देर रात छत्रपति संभाजीनगर से ही निदा खान को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच नासिक के न्यायालय में पेश किया। नन्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस ने छत्रपति संभाजी नगर महानगरपालिका के एमआईएमआईएम सभासद मतीन पटेल को भी इस मामले में सहआरोपित बना लिया है।

निदा खान इस मामले में गिरफ्तार आठवीं आरोपित है। सात आरोपित पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। निदा खान पर आरोप है कि वह टीसीएस नासिक कार्यालय में काम कर रही महिलाओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाती थी। वह महिलाओं पर हिजाब पहनने एवं इस्लामी मान्यताओं का पालन करने के लिए भी दबाव बनाती थी। उसने पीड़िता के मोबाइल में उसे धार्मिक रूप से प्रभावित करने के लिए कुछ एप एवं यूट्यूब लिंक्स भी भेजे थे।

निदा मलेशिया के किसी इमरान नामक व्यक्ति के भी संपर्क में थी, जिसके माध्यम से वह महिलाओं को विदेश भेजने की फिराक में भी थी। निदा खान के कुछ आतंकी संगठनों के संपर्क में होने का भी शक किया जा रहा है। इस मामले में एनआईए और राज्य एटीएस भी जांच कर रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि निदा सहित अन्य आरोपितों के खातों में कहां-कहां से पैसे आते थे, और उनका किस प्रकार उपयोग हो रहा था।

नासिक के देवलाली पुलिस थाने में निदा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेकिन पिछले 27 दिनों से वह फरार चल रही थी। उसने नासिक कोर्ट में स्वयं के गर्भवती होने का कारण बताते हुए अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

गुरुवार देर रात 11.15 बजे उसे छत्रपति संभाजी नगर (पूर्व नाम औरंगाबाद) के नारेगांव से गिरफ्तार किया गया था। वह खेतों के बीच स्थित एक घर में अपने माता, पिता, भाई और मौसी के साथ रह रही थी। आरोप लग रहा है कि उसे एआईएमआईएम के स्थानीय सभासद मतीन पटेल ने वहां छिपने में मदद की थी। गुरुवार देर रात ही छत्रपति संभाजी नगर से ट्रांजिट रिमांड लेकर शुक्रवार सुबह उसे नासिक रोड पुलिस थाने लाया गया था। शुक्रवार को दिन भर पूछताछ के बाद उसे शाम को न्यायालय में पेश किया गया।

निदा खान की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने अब एक राजनीतिक रूप ले लिया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के कद्दावर नेता संजय शिरसाट ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को कठघरे में खड़ा किया है। इम्तियाज जलील ने कुछ ही दिनों पहले निदा खान के परिजनों से मिलने का दावा किया था, और उन्हें हर प्रकार की मदद का आश्वासन भी दिया था।

शिरसाट का दावा है कि इम्तियाज जलील को निदा खान के ठिकाने की पूरी जानकारी थी और वह उसे संरक्षण दे रहे थे। शिरसाट ने मीडिया से बातचीत में कहा, यह बेहद गंभीर विषय है कि मतांतरण और शोषण जैसे घृणित कृत्य की आरोपित को एक राजनीतिक नेता का संरक्षण प्राप्त था।

जलील को जवाब देना होगा कि आखिर उन्होंने एक अपराधी की जानकारी पुलिस से क्यों छिपाई ? शिरसाट ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण के पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। बता दें कि नासिक के टीसीएस कार्यालय में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने निदा खान पर दबाव डालकर धर्मांतरण कराने और विरोध करने पर यौन शोषण व मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

पीड़ित पक्ष का कहना था कि कार्यालय के भीतर एक सुनियोजित तरीके से हिंदू कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा था। मामला दर्ज होने के बाद से ही निदा फरार थी, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई थीं। मंत्री संजय शिरसाट द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब पुलिस इस मामले के राजनीतिक कनेक्शन की भी पड़ताल कर सकती है।

इस गिरफ्तारी के बाद नासिक और संभाजीनगर में हिंदूवादी संगठनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि व्यावसायिक संस्थानों में इस तरह का 'लव जिहाद' या मतांतरण का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।