'नहीं सोचा था कि गोली लग जाएगी', टाइगर श्रॉफ के साथ फोटो खिंचवाने के शौक ने उमेश को पहुंचा दिया अस्पताल
मुंबई में टाइगर श्रॉफ को देखने गए उमेश चौहान को फायरिंग में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गए। ...और पढ़ें

टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी में घायल हुआ फैन।
HighLights
टाइगर श्रॉफ को देखने गए उमेश को लगी गोली।
घायल उमेश परिवार के एकमात्र कमाने वाले हैं।
आठ माह की गर्भवती पत्नी, छह साल का बेटा है।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। उत्तर प्रदेश से मायानगरी मुंबई रोजी-रोटी कमाने आए उमेश चौहान ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि बालीवुड सितारे के साथ फोटो खिंचवाने का शौक उन पर इस कदर भारी पड़ेगा।
दरअसल, 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर जब फायरिंग हुई तो उमेश भी वहां उन्हें नजदीक से देखने और फोटो खिंचवाने के लिए मौजूद थे। इस बीच अचानक टाइगर श्राफ को निशाना बनाकर शूटर गोली चलाते हैं और इससे वो भी घायल हो गए। इस तरह उनके लिए जो पल उत्साह से शुरू हुआ था, वह अस्पताल के एक बिस्तर पर जाकर खत्म हुआ।
उमेश पर परिवार की जिम्मेदारी
गोली लगने से घायल हुए उमेश के ठीक होने का इंतजार उनकी आठ महीने की गर्भवती पत्नी और छह साल का बेटा कर रहा है। उमेश पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। परिवार उमेश के घर आने का इंतजार कर रहा है।
दो नौकरियां करते हैं उमेश
वह अपना परिवार चलाने के लिए दो नौकरियां करते हैं। एक ड्राइवर के तौर पर और दूसरी हाउसकीपिंग की। आने वाले हफ्तों में एक और बच्चे के जन्म की उम्मीद के साथ परिवार एक नए जीवन के स्वागत की तैयारी कर रहा था। लेकिन अब वे उमेश के ठीक होने को लेकर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।
'नहीं सोचा था कि गोली लग जाएगी'
चौहान ने कहा कि "मैं वहां से गुजर रहा था और केवल इसलिए रुक गया क्योंकि मैं टाइगर श्राफ का बहुत बड़ा फैन हूं। मैं उन्हें देखना चाहता था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे गोली लग जाएगी।" जो इंसान अपने परिवार का पेट पालने के लिए दो नौकरियां करता हो, उसके लिए इस चोट का मतलब सिर्फ शारीरिक दर्द नहीं है।
बहुत मुश्किल से चौहान ने कहा, "मेरी पत्नी आठ महीने की गर्भवती है। मेरा बेटा सिर्फ छह साल का है। परिवार के लिए कमाने वाला मैं ही हूं। मेरी सबसे बड़ी चिंता जल्द ठीक होकर अपने परिवार के पास जाने की है। मुझे नहीं पता कि मैं कब तक काम पर वापस लौट पाऊंगा। मुझे डर है कि मेरी सारी बचत, जिसे मैंने अपनी पत्नी के लिए रखा था, अब मेरे इलाज में खर्च हो जाएगी।"
केईएम अस्पताल में किया गया शिफ्ट
शुरुआत में चौहान का इलाज जुहू के कूपर अस्पताल में किया गया और उनकी हालत स्थिर की गई। इसके बाद 19 अक्टूबर की आधी रात के आसपास उन्हें आगे की जांच और विशेषज्ञ देखरेख के लिए केईएम अस्पताल भेज दिया गया।
केईएम अस्पताल के अनुसार, चोट का असर उनके दिल या फेफड़ों पर नहीं पड़ा है। उनकी शारीरिक स्थिति स्थिर है। उनका इलाज जनरल सर्जरी विभाग के इमरजेंसी आइसीयू में चल रहा है, जिसमें कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी टीम भी सलाह दे रही है।
