विंध्य में रेल नेटवर्क का विस्तार: पहली बार सीधी पहुंची ट्रेन, 2028 तक सिंगरौली से जुड़ने की तैयारी
विंध्य और बुंदेलखंड को नई रेल लाइनों की सौगात मिली, जिससे सीधी जिला पहली बार राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ा। ...और पढ़ें

सीएम ने ट्रेन को वर्चुअली दिखाई हरी झंडी।
HighLights
विंध्य-बुंदेलखंड को मिली नई रेल लाइनों की सौगात।
सीधी जिला पहली बार राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ा।
दिसंबर 2028 तक सिंगरौली तक रेल विस्तार लक्ष्य।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। विंध्य और बुंदेलखंड के लिए 24 अक्टूबर ऐतिहासिक दिन बन गया। दशकों से रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे इस क्षेत्र को नई रेल लाइनों की सौगात मिली। सतना-देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा-चुरहट के 65 किलोमीटर रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही आजादी के बाद पहली बार सीधी जिले के रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र में ट्रेन पहुंची और जिला राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में एक अहम पड़ाव पर पहुंचा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से नई रेल लाइनों का लोकार्पण कर देवेंद्रनगर-चुरहट मेमू सेवा सहित दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। उद्घाटन के दिन यात्रियों को मुफ्त सफर का मौका मिला। दोनों ट्रेनें रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेंगी। इनका नियमित संचालन 26 अक्टूबर से शुरू होगा।
दिसंबर 2026 तक सीधी मुख्यालय पहुंचेगी रेल
ट्रेन में सफर के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आगे की रेल कनेक्टिविटी को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2026 तक रेल को सीधी जिला मुख्यालय तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वहीं, सीधी से सिंगरौली के बीच 16 सुरंगों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक ललितपुर-सिंगरौली रेल कॉरिडोर को सिंगरौली तक पहुंचाना है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल रेल पटरी बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विंध्य के लिए आर्थिक गलियारे और जीवनरेखा की तरह काम करेगी। इससे ऊर्जा क्षेत्र, सीमेंट उद्योग, व्यापार और यात्री परिवहन को नई गति मिलेगी। रेल लाइन के विस्तार से ऊर्जाधानी सिंगरौली का रीवा-सतना के औद्योगिक क्षेत्रों से संपर्क मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना की नींव 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु के कार्यकाल में रखी गई थी। सीधी स्टेशन शुरू होने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनें चलाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। भोपाल-रीवा के बीच चलने वाली एक ट्रेन को सीधी तक विस्तारित करने का प्रयास भी किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े सवालों पर शुक्ल ने कहा कि सामने आई विसंगतियों की जांच कराई जाएगी। मुआवजे से असंतुष्ट किसान नियमानुसार ट्रिब्यूनल में दावा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री बोले- दीपावली की खुशियां और बढ़ेंगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल संबोधन में नई रेल सेवा को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे दीपावली की रौनक और बढ़ेगी। लंबे समय तक रेल सुविधा से वंचित रहे इलाकों के लिए यह विकास के नए दौर की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी। प्रदेश में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बेहतर रेल नेटवर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं उद्योगों के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रेल मंत्री ने बताया औद्योगिक विकास का आधार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विंध्य-बुंदेलखंड में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार विकास की नई संभावनाएं खोलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेल नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा और उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कटनी-सिंगरौली और रीवा-सतना रेलखंडों के दोहरीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के दौरान जितने पेड़ काटे जाएंगे, उसके चार गुना पौधे लगाए जाएंगे।
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने परियोजना का इतिहास बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1956 में रेल लाइन को 10 साल में पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन 1977 तक मामला सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाया। उनके मुताबिक, 2014 के बाद परियोजना के काम में तेजी आई।
1997-98 में स्वीकृत 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना की शुरुआती लागत करीब 925 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर लगभग 9 हजार करोड़ रुपये हो गई। ललितपुर-खजुराहो के 165 किलोमीटर हिस्से पर 2016 से ट्रेनें चल रही हैं। अब 118 किलोमीटर के दो नए रेलखंडों के जुड़ने से परियोजना का बड़ा हिस्सा आगे बढ़ा है।
रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी से खुलेंगी विकास की राहें
विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क के विस्तार के साथ रीवा-सीधी-सिंगरौली फोरलेन सड़क और रीवा एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का भी उल्लेख किया गया। बेहतर रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी से उद्योग, कृषि, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नई रेल सेवा से यात्रियों को आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही, सीमेंट उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र के बीच परिवहन संपर्क मजबूत होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। अब सबकी निगाहें सीधी जिला मुख्यालय और आगे सिंगरौली तक रेल पहुंचाने की तय समय-सीमा पर रहेंगी।
