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MP नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा: अपात्र कॉलेजों के विद्यार्थियों की शिफ्टिंग पर हाई कोर्ट सख्त, 3 नवंबर तक नया मॉड्यूल पेश करने के निर्देश

Published: Fri, 23 Oct 2026 11:28 PM (IST)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में स्थानांतरित करने के लिए नया शिफ्टिंग ...और पढ़ें

मप्र हाई कोर्ट भवन। (फाइल फोटो)

मप्र हाई कोर्ट भवन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने अपात्र नर्सिंग छात्रों के लिए नया मॉड्यूल बनाने को कहा।

  2. विद्यार्थियों की पसंद, प्रशिक्षण की पारदर्शिता पर कोर्ट में सवाल उठे।

  3. अपात्र कॉलेजों की बैंक गारंटी से पढ़ाई खर्च की भरपाई की मांग।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में मान्यता और संचालन से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में हाई कोर्ट ने विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने अपात्र कॉलेजों के विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए नया शिफ्टिंग मॉड्यूल तैयार करने को कहा है।

इसके लिए याचिकाकर्ता और मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल को आपसी समन्वय से प्रस्तावों व आपत्तियों पर विचार करना होगा। संशोधित मॉड्यूल अगली सुनवाई पर 3 नवंबर को कोर्ट में पेश करना होगा।

विद्यार्थियों की पसंद और प्रशिक्षण की पारदर्शिता पर उठे सवाल

न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ में लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की जनहित याचिका सहित संबंधित मामलों की सुनवाई हुई।

इस दौरान मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने अपात्र कॉलेजों के विद्यार्थियों के स्थानांतरण और डबल शिफ्ट में प्रशिक्षण से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट तथा शिफ्टिंग मॉड्यूल पेश किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने इस मॉड्यूल पर आपत्तियां दर्ज कराईं।

उन्होंने विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में पारदर्शिता, पसंद के संस्थान में स्थानांतरण, आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और प्रशिक्षण पर आने वाले खर्च जैसे मुद्दे उठाए। उनका कहना था कि शिफ्टिंग की प्रक्रिया तय करते समय विद्यार्थियों की जरूरतों और भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

अपात्र कॉलेजों की बैंक गारंटी से हो पढ़ाई के खर्च की भरपाई

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने मांग की कि अपात्र कॉलेजों के कारण प्रभावित विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई पर होने वाले खर्च की भरपाई संबंधित संस्थानों की बैंक गारंटी से की जाए। साथ ही स्थानांतरण की प्रक्रिया ऐसी बनाने पर जोर दिया गया, जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अदालत ने दोनों पक्षों को प्रस्तावों और आपत्तियों पर समन्वय बनाकर संशोधित मॉड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही दोषी संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के पहलू पर भी जोर दिया।

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3 नवंबर को फिर होगी सुनवाई

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिफ्टिंग प्रक्रिया तैयार करते समय विद्यार्थियों के हितों और प्रशिक्षण की व्यवस्था से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए। अब याचिकाकर्ता और नर्सिंग काउंसिल के बीच समन्वय के बाद तैयार होने वाले नए मॉड्यूल पर अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।

नर्सिंग काउंसिल की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने पक्ष रखा।