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उमरिया के छोटे से गांव की जनजातीय कला अब ग्रीस में दिखाएगी रंग, बैगा चित्रकला पर विदेशी कलाकार फिदा

By Sanjay Kumar SharmaEdited By: Ravindra Soni
Published: Mon, 26 Oct 2026 06:57 PM (IST)

उमरिया जिले के लोढ़ा गांव की बैगा जनजाति की पारंपरिक चित्रकला अब ग्रीस में अपनी पहचान बनाएगी। ग्रीस की दो ...और पढ़ें

स्थानीय कलाकारों से आदिवासी बैगा आर्ट के बारे में चर्चा करतीं विदेशी चित्रकार।

स्थानीय कलाकारों से आदिवासी बैगा आर्ट के बारे में चर्चा करतीं विदेशी चित्रकार। 

HighLights

  1. ग्रीस में बैगा चित्रकला की प्रदर्शनी की योजना।

  2. ग्रीक चित्रकारों ने उमरिया के लोढ़ा गांव का दौरा किया।

  3. बैगा कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद।

संजय कुमार शर्मा, उमरिया। जिले के छोटे से गांव लोढ़ा में आकार लेने वाली बैगा जनजाति की पारंपरिक चित्रकला अब सात समंदर पार ग्रीस में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है। जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़ी इस विशिष्ट लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने की पहल शुरू हो गई है। ग्रीस की राजधानी एथेंस से उमरिया पहुंचीं दो महिला चित्रकारों ने बैगा चित्रकला को करीब से देखा और इसकी विशेषताओं को समझा।

इस बारे में जानकारी देते हुए जनगण तस्वीरखान के संचालक निमिष स्वामी ने बताया कि लोढ़ा आने वाली विदेशी चित्रकारों में हारा पापड़ोपोलो और मारिया ग्रेगोरियो शामिल हैं। इन दोनों ही चित्रकारों द्वारा अब ग्रीस में बैगा चित्रों की प्रदर्शनी लगाने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल से जिले की जनजातीय विरासत को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

दिल्ली की प्रदर्शनी से शुरू हुई बैगा कला की अंतरराष्ट्रीय यात्रा

दरअसल, दिल्ली की ओजस आर्ट गैलरी में बैगा चित्रकार झूलन बाई बैगा के चित्रों की प्रदर्शनी लगी हुई है। इस प्रदर्शनी को देखने पहुंचीं ग्रीस की दो महिला कलाकार बैगा चित्रकला की शैली और उसकी सांस्कृतिक विशिष्टता से काफी प्रभावित हुईं। चित्रों के माध्यम से जनजातीय जीवन और परंपराओं की अभिव्यक्ति ने उनका ध्यान आकर्षित किया।

समझी बैगा चित्रकला की बारीकियां

उमरिया पहुंचने के बाद दोनों विदेशी कलाकार लोढ़ा गांव गईं। यहां उन्होंने बैगा चित्रकारों से मुलाकात कर उनकी पारंपरिक चित्रकारी का अवलोकन किया। चित्रों को बनाने की शैली, उनमें उकेरे जाने वाले विषयों और इस कला से जुड़े सांस्कृतिक महत्व को समझने का प्रयास किया। गांव में कलाकारों के काम को करीब से देखने के बाद उन्होंने बैगा चित्रकला को ग्रीस में प्रदर्शित करने की इच्छा जताई।

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प्रदर्शनी के लिए चित्रों का चयन

इस दौरान प्रस्तावित प्रदर्शनी के लिए अनेक चित्रों का चयन भी किया गया। योजना के अनुसार प्रदर्शनी आयोजित होती है, तो उमरिया के बैगा चित्रकारों की कलाकृतियां यूरोप के कला प्रेमियों तक पहुंच सकेंगी। बैगा चित्रकला केवल रंगों और आकृतियों का संयोजन नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक जीवन दृष्टि को भी अभिव्यक्त करती है।