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त्विषा शर्मा केस में 40 बिंदुओं पर बहस, गिरिबाला की जमानत का CBI ने किया विरोध, हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित 

Published: Mon, 26 Oct 2026 07:53 PM (IST)

त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी।

  2. सीबीआई ने जांच में कमियां, छेड़छाड़ की आशंका जताई।

  3. हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपित पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में विस्तृत सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष बचाव पक्ष ने सीबीआई की चार्जशीट के 40 बिंदुओं पर अपना जवाब रखा। सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए प्रारंभिक पोस्टमार्टम और राज्य की एसआईटी जांच में कमियां होने तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका सहित कई मुद्दे उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

जांच प्रभावित होने की आशंका जताई

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दलील दी कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम और राज्य की एसआईटी की जांच में कई कमियां थीं। एजेंसी ने इस आशंका से भी इनकार नहीं किया कि गिरिबाला सिंह के प्रभाव से जांच प्रभावित हुई हो। सीबीआई ने आरोप लगाया कि घटना के बाद मौके और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई तथा गिरिबाला ने जांच टीम को पूरा सहयोग नहीं दिया। ये अभियोजन पक्ष की दलीलें हैं, जिन पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

आईफोन की एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

सुनवाई में त्विषा के मोबाइल डेटा और फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) रिपोर्ट का मुद्दा भी उठा। कोर्ट ने पूछा कि क्या घटना वाले दिन शाम को त्विषा द्वारा अपनी मां को भेजे गए फोटो या वीडियो वापस प्राप्त किए गए हैं। इस पर बताया गया कि त्विषा के आईफोन की एफएसएल रिपोर्ट अभी आना बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मोबाइल डेटा की जांच पूरी हो सकेगी।

पैसे और यात्रा टिकट को लेकर बचाव पक्ष की दलील

बचाव पक्ष ने दलील दी कि त्विषा के पास मोबाइल, पैसे और यात्रा के लिए बुक टिकट उपलब्ध थे। इसके आधार पर आत्महत्या ही एकमात्र रास्ता होने की बात पर सवाल उठाया गया। हालांकि, अदालत ने 12 मई की चैट का उल्लेख करते हुए पूछा कि जब त्विषा ने अपने माता-पिता से पैसे मांगे थे, तब उनके पास पर्याप्त पैसे होने की दलील पर किस तरह भरोसा किया जा सकता है।

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40 बिंदुओं पर जवाब, फैसला सुरक्षित

26 अक्टूबर को हुई अंतिम सुनवाई में गिरिबाला सिंह के अधिवक्ताओं ने सीबीआई की चार्जशीट के 40 बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा। इसके बाद सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। विस्तृत सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। त्विषा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

मामले में उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह आरोपित हैं। मृतका के पिता ने मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। शीर्ष अदालत ने भोपाल में चल रहे ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक लगा रखी है। अब गिरिबाला सिंह की जमानत पर हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार है।