विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रीवा: जच्चा-बच्चा मौत मामले में धरने पर बैठे मृतका के पिता को प्रशासन ने जबरन उठाया, धरना संभालने पहुंचे विधायक अभय मिश्रा कंट्रोल रूम में नजरबंद

Published: Thu, 17 Sep 2026 03:17 PM (IST)

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन ...और पढ़ें

कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को उठाकर ले जाती पुलिस।

कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को उठाकर ले जाती पुलिस।

डिजिटल डेस्क, रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर रीवा में चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। करीब 15 दिनों से सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन कर रहे कल्पना के पिता राम शिरोमणि मिश्रा को प्रशासन ने देर रात धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके अगले ही दिन सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा धरना स्थल पर पहुंच गए और चादर बिछाकर अनशन शुरू कर दिया।

कल्पना के परिजनों का आरोप है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण राम शिरोमणि मिश्रा की हालत बिगड़ गई थी। वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहे थे। इसके बावजूद उनकी मुख्य मांग मामले में दोषी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की थी। परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर उन्हें धरना स्थल से हटाया और अस्पताल में भर्ती करा दिया।

पिता को हटाया तो धरने पर बैठे विधायक

राम शिरोमणि मिश्रा को धरना स्थल से हटाए जाने की जानकारी मिलने के बाद विधायक अभय मिश्रा सिरमौर चौराहे पहुंचे। उन्होंने वहीं धरना शुरू करते हुए कहा कि जब तक डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

विधायक ने इसे राजनीतिक आंदोलन मानने से इन्कार करते हुए कहा कि यह एक पिता की न्याय की लड़ाई है। उनका कहना था कि प्रशासन एक बुजुर्ग पिता को धरना स्थल से हटा सकता है, लेकिन न्याय की मांग को खत्म नहीं कर सकता।

पुलिस ने विधायक को भी धरना स्थल से हटाया

विधायक के धरने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। भारी पुलिस बल सिरमौर चौराहे पर पहुंचा और विधायक अभय मिश्रा को धरना स्थल से हटाकर सिटी कंट्रोल रूम ले जाया गया। वहां उन्हें धरना स्थल पर दोबारा नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है। हालांकि, विधायक ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि एफआईआर दर्ज होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें- एक नंबर कम पड़ा तो अटक गया MBBS छात्र का साल! MP हाई कोर्ट ने यूनिवर्सिटी से पूछा- क्या ग्रेस देकर बचाया जा सकता है शैक्षणिक वर्ष?

26 अगस्त से जारी है आंदोलन

कल्पना मिश्रा की मौत के बाद 26 अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन अब लगातार नया मोड़ ले रहा है। पहले पिता ने न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया। प्रशासन द्वारा उन्हें हटाए जाने के बाद अब विधायक के धरने से मामला फिर गरमा गया है। इधर, कल्पना के परिजन और कांग्रेस कार्यकर्ता भी दोबारा सिरमौर चौराहे पर जुटने लगे हैं।

आंदोलन के दौरान प्रशासन की कार्रवाई और उसके बाद नए लोगों के धरने पर बैठने से रीवा में मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। परिजनों की प्रमुख मांग डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की है।