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पेंच टाइगर रिजर्व में मिला दो दिन से लापता ग्रामीण का शव, बाघ के हमले में मौत की आशंका

Published: Tue, 06 Jan 2026 06:02 PM (IST)

पेंच टाइगर रिजर्व के गुमतरा कोर परिक्षेत्र में दो दिन से लापता 43 वर्षीय कमल उइके का शव मिला है। ...और पढ़ें

प्रतिबंधित क्षेत्र में सर्चिंग करता वन अमला व पुलिस बल। (इनसेट- मृतक कमल उइके)

प्रतिबंधित क्षेत्र में सर्चिंग करता वन अमला व पुलिस बल। (इनसेट- मृतक कमल उइके)

HighLights

  1. पेंच टाइगर रिजर्व में लापता ग्रामीण का शव मिला।

  2. बाघ के हमले से मौत की आशंका जताई जा रही है।

  3. मृतक प्रतिबंधित कोर एरिया में मछली पकड़ने गया था।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। पेंच टाइगर रिजर्व के गुमतरा कोर वन परिक्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। वन और पुलिस टीम की सर्चिंग के दौरान 43 वर्षीय कमल उइके का क्षत-विक्षत शव नदी किनारे मिला। प्रारंभिक अनुमान है कि उनकी मौत बाघ के हमले में हुई।

दो दिन से लापता था ग्रामीण

सूचना के अनुसार, कमल उइके, तिकाड़ी माल निवासी, 4 जनवरी की शाम से लापता था। परिजन ने बताया कि वह अक्सर मछली पकड़ने के लिए पेंच नदी के ‘तिकाड़ी घाट’ और ‘महादेव घाट’ की ओर जाता था। यह रिजर्व का घना और प्रतिबंधित कोर एरिया है। जब वह देर तक वापस न लौटा तो परिजनों ने वन अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया।

सघन तलाशी में मिला शव

मंगलवार सुबह चांद थाना पुलिस और पेंच टाइगर रिजर्व की टीम ने गुमतरा कोर क्षेत्र की बीट छेड़िया में तलाशी अभियान चलाया। ‘महादेव घाट’ के पास कमल के अवशेष बरामद हुए। मौके के हालात और साक्ष्यों से प्रतीत हुआ कि किसी हिंसक वन्य प्राणी, संभवतः बाघ ने उसे अपना शिकार बनाया।

प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश बना मौत की वजह

पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि जिस क्षेत्र में यह हादसा हुआ, वह ‘क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट’ के अंतर्गत आता है और आम नागरिकों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। मृतक संभवतः मछली पकड़ने के लिए नियमों का उल्लंघन कर अंदर चला गया और बा्घ ने उसे अपना शिकार बना लिया।

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पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल चौरई भेज दिया। पेंच टाइगर रिजर्व के उप-संचालक रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि प्रदान की जा रही है।