MP में ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत : अंतरराज्यीय सीमाओं पर बंद चेक पोस्ट खोलने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य की सीमाओं पर बंद पड़ी अंतरराज्यीय परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने के ...और पढ़ें

चेक पोस्ट (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य की सीमाओं पर बंद पड़ी अंतरराज्यीय परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने के अपने पूर्व आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। सोमवार को भोपाल के एक ट्रांसपोर्टर की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह अंतरिम राहत दी, जिससे परिवहन व्यवसायियों को बड़ी राहत मिली है।
मामले में सतना निवासी रजनीश त्रिपाठी की ओर से अधिवक्ता जुबिन प्रसाद और भानु प्रसाद विश्वकर्मा ने पक्ष रखा। याचिका में बताया गया कि पूर्व में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि ओवरलोड ट्रकों और भारी वाहनों के कारण प्रदेश की सड़कों को सबसे अधिक नुकसान पहुंच रहा है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया था कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में सरकार ने लगभग 1050 करोड़ रुपये खर्च कर विभिन्न बॉर्डर क्षेत्रों में 19 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट स्थापित की थीं। बाद में सरकार द्वारा इन चेक पोस्टों को बंद किए जाने के बाद अवमानना याचिका दायर की गई थी।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि 2024 में बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और अधिसूचना के चेक पोस्ट बंद कर दी गईं, जिससे दूसरे राज्यों से ओवरलोड वाहन बिना जांच के मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं। इससे सड़कें खराब हो रही हैं और सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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हालांकि, सोमवार को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने अपने पहले के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल प्रदेश की बंद पड़ी परिवहन चेक पोस्ट दोबारा शुरू नहीं होंगी।
