एमपी हाई कोर्ट को मिलेंगे 7 नए जज, कॉलेजियम ने दी मंजूरी; जानिए किन नामों पर लगी मुहर
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इससे ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
जजों के 53 स्वीकृत पदों में अभी 15 पद खाली हैं।
सात की नियुक्तियों के बाद भी आठ पद रहेंगे रिक्त।
लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सात अधिवक्ताओं को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा को मंजूरी दे दी है। सोमवार, 26 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद कॉलेजियम के आधिकारिक वक्तव्य में इन सातों नामों की सिफारिश की गई।
इन नियुक्तियों की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या मौजूदा 38 से बढ़कर 45 हो जाएगी। इससे अदालत की न्यायिक क्षमता में इजाफा होने और लंबित मामलों की सुनवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
सात अधिवक्ताओं के नामों पर लगी मुहर
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की है, उनमें डॉ. विवेक शरण (इंदौर), राजेश कुमार शुक्ला (ग्वालियर), कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह (जबलपुर), भक्ति व्यास (इंदौर), श्रेयस पंडित (जबलपुर), मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजुमदार (नई दिल्ली) और अविनाश जरगर (जबलपुर) शामिल हैं।
53 स्वीकृत पदों में आठ रहेंगे रिक्त
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 38 न्यायाधीश कार्यरत हैं। सातों प्रस्तावित नियुक्तियां पूरी होने पर यह संख्या 45 हो जाएगी। इसके बावजूद स्वीकृत पदों के मुकाबले आठ पद रिक्त रहेंगे।
लंबित मामलों के निपटारे की उम्मीद
न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई के लिए उपलब्ध न्यायिक क्षमता में वृद्धि हो सकती है। इससे लंबित प्रकरणों के निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, मामलों के आवंटन और न्यायालय के समग्र कार्यभार पर निर्भर करेगा।
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अब औपचारिक नियुक्ति की प्रतीक्षा
कॉलेजियम की अनुशंसा नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने तथा नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने पर ही सातों अधिवक्ताओं की न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति औपचारिक रूप से पूरी होगी।
