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MP में साल के जंगलों को खोखला कर रहे 19 लाख बोरर कीटों का दहन, 4 DFO की मौजूदगी में 8 केंद्रों पर सजी चिताएं

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:01 PM (IST)

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में वन विभाग ने साल के जंगलों को बचाने के लिए 19 लाख से अधिक ...और पढ़ें

साल वृक्ष को खोखला करने वाले बोरर कीटों का दहन करता वनकर्मी।

साल वृक्ष को खोखला करने वाले बोरर कीटों का दहन करता वनकर्मी।

HighLights

  1. 19 लाख से अधिक साल बोरर कीटों को जलाकर नष्ट किया गया।

  2. डिंडौरी में 27 साल बाद इतना बड़ा कीट नष्टीकरण अभियान चला।

  3. ग्रामीणों की मदद से साल के जंगलों को बचाने की पहल।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में साल के बेशकीमती जंगलों को तबाह कर रहे साल बोरर कीटों के खात्मे के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। गुरुवार को पश्चिम और पूर्व करंजिया वन परिक्षेत्र के आठ अलग-अलग केंद्रों पर 19 लाख 25 हजार 118 साल बोरर कीटों को लकड़ी की चिता सजाकर जलाया गया। करीब 27 साल बाद इतने बड़े पैमाने पर कीटों को एकत्र कर नष्ट करने की कार्रवाई की गई है।

इस विशेष अभियान में ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों को भी शामिल किया गया था। जंगलों से कीटों को पकड़कर संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को प्रति कीट दो रुपये पारिश्रमिक देने की घोषणा की गई थी। अभियान के दौरान डिंडौरी और मंडला वन वृत्त के चार डीएफओ मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

ग्रामीणों ने जंगलों से पकड़े लाखों कीट, बनाईं मालाएं

साल के जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने इस वर्ष विशेष अभियान शुरू किया था। इसमें स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई।

ग्रामीणों ने जंगलों में जाकर साल बोरर कीटों को पकड़ा और उन्हें मारकर उनके सिर की मालाएं बनाईं। इसके बाद इन कीटों को संग्रहण केंद्रों पर जमा कराया गया। इसी प्रक्रिया के तहत 19 लाख से अधिक कीट एकत्र किए गए, जिन्हें अब सामूहिक रूप से नष्ट किया गया है।

वन विभाग का मानना है कि इस अभियान से कीटों की संख्या नियंत्रित करने और उनके प्रजनन चक्र को तोड़ने में मदद मिलेगी।

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साल के पेड़ को खोखला कर देता है कीट

वन अधिकारियों के अनुसार, साल बोरर कीट पेड़ के तने में छेद कर उसके भीतर प्रवेश करता है। इसके बाद वह तने को अंदर से खोखला करने लगता है। धीरे-धीरे पेड़ सूखने लगता है और कुछ ही समय में हरा-भरा साल का पेड़ पूरी तरह नष्ट हो सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में डिंडौरी और मंडला वन वृत्त में इस कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। इसके कारण साल के जंगलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

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1 लाख 46 हजार से ज्यादा पेड़ सूखे, कटाई की तैयारी

वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, डिंडौरी जिले में 1 लाख 46 हजार 784 साल के पेड़ साल बोरर कीट की चपेट में आकर सूख चुके हैं। इन पेड़ों को काटने के लिए चिह्नित किया गया है।

केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद प्रभावित पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बारिश का दौर थमने के बाद कटाई के काम में तेजी लाने की तैयारी है।

आठ केंद्रों पर चिता सजाकर किया गया दहन

कीटों के नष्टीकरण के लिए पश्चिम और पूर्व करंजिया वन परिक्षेत्र में आठ केंद्र बनाए गए थे। यहां लकड़ियों की चिताएं तैयार कर एकत्र किए गए कीटों को जलाया गया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 27 साल बाद इतनी बड़ी संख्या में साल बोरर कीटों को एक साथ नष्ट करने की कार्रवाई की गई है। अभियान के दौरान चार डीएफओ की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

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जंगल बचाने ग्रामीणों से वन विभाग की अपील

वन विभाग का दावा है कि कीटों के सामूहिक नष्टीकरण और प्रभावित पेड़ों की कटाई से साल के जंगलों को बचाने में मदद मिलेगी। इस अभियान में ग्रामीणों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल में कहीं भी साल बोरर कीट का प्रकोप दिखाई देने पर तत्काल वन कर्मचारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर साल के बेशकीमती जंगलों को सूखने से बचाया जा सके।

गुरुवार को जिले के आठ केंद्रों में संग्रहित किए गए सभी 19 लाख 25 हजार से अधिक साल बोरर कीटों को सत्यापन करने के साथ लकड़ी की चिता में उन्हें जलाया गया। इस दौरान वन विभाग के 4 डीएफओ सहित अमला भी मौजूद रहा। इन्हें नष्ट करने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा।
- अशोक सोलंकी, डीएफओ सामान्य डिंडौरी