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MP में जहां 32 आदिवासी बच्चों की बीमारी से मौत हुई, वहां फर्जी डॉक्टर संभाल रहा था कमान; अब धोखाधड़ी की FIR

By Yogesh GautamEdited By: Ravindra Soni
Published: Thu, 15 Oct 2026 08:24 PM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश के बालाघाट में फर्जी डिग्री वाले डॉक्टर सुनील सिंह (शिवकुमार पांडेय) के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया ...और पढ़ें

बालाघाट में महिला का उपचार करता फर्जी डॉक्टर सुनील सिंह उर्फ शिवकुमार पांडेय। (फाइल फोटो)

बालाघाट में महिला का उपचार करता फर्जी डॉक्टर सुनील सिंह उर्फ शिवकुमार पांडेय। (फाइल फोटो) 

HighLights

  1. फर्जी डॉक्टर सुनील सिंह के खिलाफ FIR दर्ज।

  2. बालाघाट में 32 आदिवासी बच्चों की मौत।

  3. फर्जी डिग्री से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा था।

योगेश गौतम, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा ब्लॉक के जिन गांवों में मलेरिया और खसरा ने 32 बैगा आदिवासी बच्चों की जिंदगी छीन ली, वहां स्वास्थ्य व्यवस्था की कमान फर्जी डिग्री वाले 'डाक्टर' सुनील सिंह के पास थी। इसी वर्ष अप्रैल में उसकी डिग्री पर सवाल खड़े हुए और राज्य स्तरीय समिति ने जांच शुरू की। अब जाकर सच से पर्दा उठा है। 10 अक्टूबर को सुनील सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। उसकी तलाश की जा रही है।

2012 से दे रहा था सेवाएं

पुलिस के अनुसार देवास के डॉ. सुनील सिंह के नाम से रीवा का शिवकुमार पिता रामलखन पांडेय वर्ष 2008 में संविदा पर नियुक्त हुआ और वर्ष 2012 से बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ था। वह 2022 में यहां का ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) भी बनाया गया। चार वर्षों तक उसके पास ब्लाक की स्वास्थ्य सेवाओं की कमान रही। इस दौरान उसने टीकाकरण, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, दवा वितरण सहित अन्य सेवाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की।

भ्रामक आंकड़ों से बिरसा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त बताता रहा। विभागीय अधिकारी मानते हैं कि अगर समय रहते सुनील सिंह का फर्जीवाड़ा सामने आ जाता तो क्षेत्र में हालात नहीं बिगड़ते। बता दें, मलेरिया और खसरा से 32 बच्चों की मौत का मामला काफी चर्चा में रहा है। शुरुआत में तो बीमारी की भी पहचान नहीं हो पाई थी।

देवास के ‘सुनील सिंह’ के नाम पर बनाई फर्जी डिग्री

जांच में यह सिद्ध हुआ है कि आरोपित शिवकुमार ने देवास के डा. सुनील सिंह के नाम पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस की डिग्री बनवाई और नौकरी प्राप्त की थी। आरोपित ने 10वीं व 12वीं की अंकसूची भी फर्जी बनवाई थी। तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने अप्रैल में मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल और विभाग के आयुक्त को जांच के लिए पत्र लिखा था।

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रीवा में दी दबिश

बिरसा थाना पुलिस आरोपित शिवकुमार पांडेय के पैतृक गांव रीवा के बड़ागांव पहुंची। पुलिस ने स्वजन, ग्रामीणों, पड़ोसियों से पूछताछ कर जो फोटो दिखाई उससे सुनील सिंह के शिवकुमार पांडेय होने की पुष्टि हुई। बैहर एसडीओपी चंद्रशेखर पांडेय के अनुसार आरोपित की तलाश की जा रही है।