कटनी में अंग्रेजों के जमाने की फैक्ट्री का जानलेवा कचरा हटेगा, मिट्टी और भूजल के सैंपल लिए; भोपाल लैब में होगी जांच
कटनी के कैमोर में ब्रिटिशकालीन एस्बेस्टस फैक्ट्री के कचरे के निस्तारण के लिए प्रशासन ने कदम उठाए हैं। राजस्व, प्रदूषण ...और पढ़ें

मिट्टी की जांच करती अधिकारियों की संयुक्त टीम। (सौजन्य जनसंपर्क विभाग)
HighLights
कटनी के कैमोर में ब्रिटिशकालीन फैक्ट्री कचरे पर कार्रवाई शुरू।
मिट्टी और भूजल के नमूने जांच हेतु भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए।
प्रदूषण की स्थिति जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। कटनी जिले के कैमोर में ब्रिटिशकालीन एस्बेस्टस फैक्ट्री से जुड़े कचरे के निस्तारण की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ा दिया है। बुधवार को राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर परिषद कैमोर की संयुक्त टीम ने भटिया मोहल्ला वार्ड क्रमांक-2 पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। टीम ने क्षेत्र की मिट्टी और भूजल के नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
क्षेत्र में फैले फैक्ट्री के कचरे से रहवासियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की शिकायतों और इससे संबंधित खबरों के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने मामले की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की थी। बुधवार की कार्रवाई इसी जांच का हिस्सा रही।
फुटबाल ग्राउंड और अस्पताल के पीछे से लिए मिट्टी के नमूने
संयुक्त टीम ने जनस्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। मिट्टी की गुणवत्ता जांचने के लिए फुटबाल ग्राउंड और शासकीय अस्पताल के पीछे से नमूने लिए गए।
इसके अलावा भूजल की स्थिति का पता लगाने के लिए क्षेत्र के दो हैंडपंपों से पानी के सैंपल लिए गए। टीम ने सभी नमूनों को सुरक्षित तरीके से एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।
भोपाल की केंद्रीय प्रयोगशाला बताएगी कचरे का असर
मिट्टी और भूजल के सभी नमूने केंद्रीय प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जाएंगे। वहां जांच के बाद रिपोर्ट सामने आएगी, जिसके आधार पर क्षेत्र में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति और उसके संभावित प्रभावों का आकलन किया जाएगा।
प्रशासनिक टीम ने मौके की जांच पूरी करने के बाद पंचनामा भी तैयार किया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और कचरे के निस्तारण को लेकर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
इन अधिकारियों ने की मौके पर जांच
संयुक्त जांच टीम में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी, विज्ञानी राजेंद्र शुक्ला, कैमोर के नायब तहसीलदार राजेंद्र श्रीवास्तव और नगर परिषद कैमोर के सेनेटरी इंस्पेक्टर पीआर सिंह शामिल रहे।
अब सभी की नजर प्रयोगशाला रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र की मिट्टी और भूजल में प्रदूषण की स्थिति क्या है और आगे प्रशासन को किन कदमों की जरूरत है।
