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जबलपुर में बनेंगी 300 नई धनुष तोपें, सेना को मिलेगी 44 KM से ज्यादा मारक क्षमता वाली 'देसी बोफोर्स'

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:53 PM (IST)

जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री भारतीय सेना के लिए 300 नई धनुष तोपें तैयार करेगी। ये तोपें माउंटेन गन संस्करण ...और पढ़ें

जीसीएफ जबलपुर में बनी धनुष तोप। (सौजन्य: इंटरनेट मीडिया)

जीसीएफ जबलपुर में बनी धनुष तोप। (सौजन्य: इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. GCF जबलपुर को 300 धनुष तोपें बनाने का लक्ष्य।

  2. धनुष तोपें अब माउंटेन गन संस्करण में होंगी।

  3. मारक क्षमता 38 से बढ़कर 44 किमी से अधिक होगी।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। देश में बनी धनुष तोप का क्रेज बढ़ा है। इसका असर अब उत्पादन लक्ष्य पर दिखाई दे रहा है। जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (GCF) को भारतीय सेना के लिए 300 नई धनुष तोपें तैयार करने का लक्ष्य मिलने जा रहा है। निर्माणी महाप्रबंधक राहुल चौधरी के मुताबिक, सेना के लिए नई धनुष तोपों के निर्माण को लेकर चर्चा अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

प्रस्ताव के अनुसार इन तोपों की खेप अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से सेना के आर्टिलरी बेड़े में शामिल की जाएगी।

अब माउंटेन गन के रूप में होगी धनुष

धनुष की नई खेप में केवल संख्या बढ़ाने पर जोर नहीं होगा, बल्कि इसके उपयोग और क्षमता में भी बदलाव किया जाएगा। करीब 95 प्रतिशत कलपुर्जों के स्वदेशीकरण के साथ धनुष का माउंटेन गन संस्करण तैयार किया जाएगा। यह संस्करण सेना में इस्तेमाल हो रही पुरानी टोड गनों की जगह लेने के लिए विकसित किया जा रहा है।

धनुष को भारतीय सेना की पहली 155 मिलीमीटर, 45 कैलिबर की उन्नत स्वदेशी हावित्जर तोप के तौर पर विकसित किया गया है। बोफोर्स तोप की डिजाइन पर आधारित होने के कारण इसे आमतौर पर ‘देसी बोफोर्स’ भी कहा जाता है।

13 साल में 21 से 95 प्रतिशत हुआ स्वदेशीकरण

जबलपुर की जीसीएफ ने वर्ष 2012 में धनुष तोप के विकास पर काम शुरू किया था। उस समय इसमें इस्तेमाल होने वाले करीब 21 प्रतिशत कलपुर्जे ही स्वदेशी थे। पिछले 13 वर्षों में स्वदेशीकरण का स्तर बढ़कर करीब 95 प्रतिशत हो गया है।

यह बदलाव धनुष को देश में विकसित और निर्मित प्रमुख आर्टिलरी प्रणालियों में शामिल करता है।

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38 से बढ़कर 44 किमी से ज्यादा होगी रेंज

धनुष की वर्तमान मारक क्षमता करीब 38 किलोमीटर बताई जाती है। इसे अपग्रेड करने के बाद इसकी रेंज 44 किलोमीटर से अधिक करने की तैयारी है।

बोफोर्स आधारित डिजाइन वाली यह तोप करीब एक मिनट में छह राउंड दागने में सक्षम है। इसके माउंटेन गन संस्करण को ट्रक के जरिये आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकेगा।

वहीं पारंपरिक टोड गन को खींचने के लिए भारी सैन्य ट्रक या आर्टिलरी ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है। माउंटेन गन संस्करण के आने से कठिन और पहाड़ी इलाकों में तोप की तैनाती और आवाजाही में सुविधा मिलने की उम्मीद है।