बालाघाट में संक्रामक बीमारियों से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत पर हाई कोर्ट सख्त, अधिकारियों को भेजा नोटिस
बालाघाट में संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में हाई कोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए ...और पढ़ें

एक साथ कई बच्चों के बीमार होने के मामले पर हाई कोर्ट गंभीर।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। याचिकाकर्ता द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कलेक्टर सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अब अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। नरसिंहपुर निवासी अंशुल तिवारी ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि बालाघाट में बच्चों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा है। 50 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल में करीब 400 बच्चों के उपचार का भी उल्लेख किया गया था।
अदालत ने रिपोर्ट पेश करने के दिए थे निर्देश
प्रारंभिक सुनवाई में युगलपीठ ने कहा था कि केवल समाचार पत्रों की खबरों के आधार पर जनहित याचिका दायर करना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति की पड़ताल और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडे व अतुल शुक्ला ने बताया कि आदेश के पालन में क्षेत्र का दौरा किया गया। रिपोर्ट में हैंडपंप से पीला पानी निकलने, बच्चों व महिलाओं को कई माह से समय पर पोषण आहार नहीं मिलने तथा व्यापक गंदगी की जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट में क्या बताया गया?
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मौतों के बाद प्रशासन ने अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार शुरू किया है। युगलपीठ ने रिपोर्ट को याचिका का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए हैं।
