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चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में बढ़ा खतरा, चट्टानों से गिर रहे पत्थर; पहली गुफा सील, श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक

Published: Thu, 24 Sep 2026 11:25 PM (IST)

चित्रकूट की प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफा में लगातार बारिश के बाद चट्टानों से पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते श्रद्धालुओं ...और पढ़ें

बारिश के बाद चट्टानों में दिखी दरार। (इनसेट- पत्थर गिरे)

बारिश के बाद चट्टानों में दिखी दरार। (इनसेट- पत्थर गिरे)

डिजिटल डेस्क, सतना। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में स्थित प्रसिद्ध गुप्त गोदावरी गुफा में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्राकृतिक गुफा की चट्टानों से पिछले कुछ दिनों से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गुरुवार को खटखटा चोर के पास दोबारा पत्थर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।

शाम करीब सात बजे एसडीएम महिपाल सिंह ने गुप्त गोदावरी पहुंचकर गुफा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं गुफा के भीतर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा के मद्देनजर पहली गुफा को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। विशेषज्ञों की जांच और सुरक्षा रिपोर्ट आने तक श्रद्धालुओं को गुफा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

चट्टानों में दरार, बारिश से बढ़ा पानी का रिसाव

निरीक्षण के दौरान गुफा की चट्टानों में दरार और ज्वाइंट दिखाई देने की बात सामने आई है। लगातार बारिश के कारण प्राकृतिक गुफा के भीतर पानी का रिसाव भी बढ़ गया है। ऐसे में कमजोर चट्टानों के खिसकने और पत्थर गिरने की आशंका बनी हुई है।

हालांकि, प्रशासन ने अभी पत्थर गिरने की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों के अनुसार वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चट्टानों की संरचना कितनी कमजोर हुई है और पत्थर गिरने का वास्तविक कारण क्या है।

पहले मूर्ति हो चुकी है खंडित

गुप्त गोदावरी में चट्टानों से पत्थर गिरने की यह समस्या नई नहीं है। इससे पहले पत्थर गिरने की एक घटना में शंकर भगवान की मूर्ति खंडित हो चुकी है। गुरुवार को हुई ताजा घटना में किसी श्रद्धालु के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, गुफा के भीतर रामदरबार के आसपास चट्टानों की परतों को लेकर भी सुरक्षा की चिंता सामने आई है।

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एसडीएम महिपाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि विशेषज्ञों की जांच पूरी होने और सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट मिलने तक पहली गुफा में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा।

राम-लक्ष्मण के दरबार की मान्यता

गुप्त गोदावरी चित्रकूट की धार्मिक पहचान से जुड़ा प्रमुख स्थल है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वनवास काल में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण यहां आए थे और इसी गुफा में उनका दरबार लगा था। संकरी प्राकृतिक चट्टानों के बीच बहती जलधारा और गुफा की अद्भुत प्राकृतिक संरचना श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

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बारिश के मौसम में गुफा के भीतर पानी का प्रवाह और चट्टानों से रिसाव बढ़ जाता है। ऐसे में पत्थर गिरने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रवेश रोक दिया गया है। अब विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि गुफा को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा कब खोला जा सकेगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर परिषद अधिकारी अंकित सोनी, नायब तहसीलदार कमलेश भदौरिया, गोदावरी प्रभारी संदीप त्रिपाठी सहित संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।