बरगी क्रूज हादसा : अलर्ट के बावजूद घोर लापरवाही, बिना लाइफ जैकेट सवार थे पर्यटक; जांच में चौंकाने वाले खुलासे
बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे की शुरुआती जांच में मप्र पर्यटन निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मौसम ...और पढ़ें

क्रूज पर पर्यटक लाइफ जैकेट पहले बगैर सवार थे (वीडियो ग्रैब)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे की शुरुआती जांच में मप्र पर्यटन निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मौसम विभाग के प्री-अलर्ट के बावजूद क्रूज को रवाना किया गया, जबकि सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया।
लाइफ जैकेट नहीं, सुरक्षा इंतजाम अधूरे
जानकारी के मुताबिक, 80 क्षमता वाले क्रूज में 40 से अधिक पर्यटक सवार थे। मप्र पर्यटन विकास निगम का क्रूज गुरुवार शाम मेकल रिसॉर्ट से पर्यटकों को लेकर निकला था, लेकिन सुरक्षा इंतजामों में भारी लापरवाही सामने आई। सबसे बड़ी चूक यह रही कि यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई।
नियम के अनुसार हर पर्यटक को यात्रा से पहले सुरक्षा उपायों की जानकारी देना और लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना जरूरी होता है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि क्रूज में लाइफ जैकेट और लाइफ सेवर उपकरण मौजूद थे, लेकिन उन्हें यात्रियों को नहीं दिया गया।
इंटरनेट मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी अधिकांश पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के नजर आए। हादसे के दौरान जिन यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, वे अपनी जान बचाने में सफल रहे।
सिर्फ दो कर्मचारियों के भरोसे दर्जनों यात्री
सबसे बड़ी चूक यह रही कि क्रूज पर कैप्टन के अलावा सिर्फ एक कर्मचारी मौजूद था, जबकि 40 से ज्यादा पर्यटकों के लिए यह संख्या बेहद कम मानी जाती है। नियमों के मुताबिक 10-15 यात्रियों पर एक लाइफ सेवर होना चाहिए, लेकिन यहां इसका भी पालन नहीं हुआ।
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मौसम चेतावनी को किया नजरअंदाज
जांच में यह भी सामने आया है कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन नहीं रोका गया। स्टाफ ने केवल मोबाइल पर उपलब्ध जानकारी और अपने अनुभव के आधार पर निर्णय लिया। वहीं, कई बचे हुए यात्रियों का दावा है कि उन्होंने खराब मौसम को देखते हुए क्रूज वापस मोड़ने की मांग भी की थी, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई।
20 साल पुराना क्रूज, अचानक बवंडर बना वजह
जल क्रीड़ा सलाहकार राजेंद्र निगम के अनुसार, क्रूज भले ही 20 साल पुराना था, लेकिन तकनीकी रूप से सुरक्षित था और इसकी आयु 50 वर्ष तक होती है। उन्होंने बताया कि अचानक आए बवंडर में क्रूज फंस गया, जहां हवाओं की गति 50-60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जबकि क्रूज 30 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं ही सहन कर सकता है।
CCTV में 43 सवार, बिना टिकट की आशंका
मेकल रिसॉर्ट के सीसीटीवी फुटेज में 43 पर्यटक क्रूज पर सवार नजर आए हैं। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ लोग बिना टिकट ही सवार हो गए थे।
बरगी हादसे की यह परत-दर-परत सामने आती सच्चाई न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि यह भी दिखा रही है कि लापरवाही और नियमों की अनदेखी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है।
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