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बालाघाट के नए कलेक्टर आदित्य सिंह ने संभाली कमान, पदभार लेते ही वनांचल में फैली बीमारी पर फोकस

Published: Thu, 15 Oct 2026 10:35 PM (IST)

बालाघाट के नवागत कलेक्टर आदित्य सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही वनांचल क्षेत्रों में मलेरिया और खसरे की स्थिति की ...और पढ़ें

पदभार ग्रहण करते कलेक्टर आदित्य सिंह।

पदभार ग्रहण करते कलेक्टर आदित्य सिंह।

HighLights

  1. नवागत कलेक्टर आदित्य सिंह ने बालाघाट में पदभार ग्रहण किया।

  2. वनांचल क्षेत्रों में मलेरिया, खसरे की स्थिति की समीक्षा की।

  3. अधिकारियों को फील्ड विजिट, समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।

डिजिटल डेस्क, बालाघाट। बालाघाट के नवागत कलेक्टर आदित्य सिंह ने गुरुवार शाम पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने जिले के वनांचल क्षेत्रों में मलेरिया और खसरे से जुड़ी स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी। खास तौर पर बिरसा और बैहर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, प्रभावित गांवों में बच्चों की स्क्रीनिंग, मलेरिया नियंत्रण और दवाओं की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली।

बालाघाट में हाल ही में बैगा आदिवासी बच्चों की मौतों का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में नए कलेक्टर की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और बीमारी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना रही।

57 गांवों में स्वास्थ्य टीमें कर रहीं निगरानी

कलेक्टर आदित्य सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बिरसा और बैहर क्षेत्र के प्रभावित गांवों की मौजूदा स्थिति, बच्चों की स्क्रीनिंग, टीकाकरण, मलेरिया नियंत्रण अभियान और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित 57 गांवों में स्वास्थ्य टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं और बच्चों की जांच की जा रही है।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की जानकारी साझा करने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने कृषि, राजस्व और महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज की भी समीक्षा कर मौजूदा स्थिति समझी।

अधिकारियों से कहा- फील्ड में उतरें

अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट करने और लोगों की समस्याओं का मौके पर जाकर निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखें। समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए सक्रियता से काम करें, ताकि आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।

पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ

कलेक्टर आदित्य सिंह ने शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए और विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उनका लक्ष्य बालाघाट को विकास और सुशासन के विभिन्न मानकों पर प्रदेश के अग्रणी जिलों में बनाए रखना है।

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2014 बैच के IAS हैं आदित्य सिंह

आदित्य सिंह 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। बालाघाट में पदस्थापना से पहले वे भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में संचालक के पद पर कार्यरत थे। वे भोपाल स्मार्ट सिटी परियोजना में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

मूल रूप से रीवा के निवासी आदित्य सिंह हरदा और अशोकनगर जिले में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। निवर्तमान कलेक्टर कुमार सत्यम के हरदा स्थानांतरण के बाद राज्य सरकार ने बालाघाट जिले की जिम्मेदारी आदित्य सिंह को सौंपी है।