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अनूपपुर में दर्दनाक हादसा: बिना फाटक की रेल क्रॉसिंग पर पिकअप को लोको ट्रेन ने मारी टक्कर, युवक का सिर धड़ से अलग; 6 घायल

Published: Fri, 23 Oct 2026 04:32 PM (IST)

अनूपपुर जिले में बिना फाटक वाली रेल क्रॉसिंग पर एक लोको ट्रेन ने पिकअप को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक ...और पढ़ें

ट्रेन ने पिकअप वाहन को टक्कर मारी।

ट्रेन ने पिकअप वाहन को टक्कर मारी।

HighLights

  1. अनूपपुर में बिना फाटक वाली रेल क्रॉसिंग पर हादसा।

  2. पिकअप को लोको ट्रेन ने मारी टक्कर, एक की मौत।

  3. छह युवक गंभीर घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। प्रदेश के अनूपपुर जिले में रेल लाइन पार करना एक पिकअप सवार सात युवकों के लिए जानलेवा साबित हुआ। चचाई थाना क्षेत्र की एसईसीएल संजय नगर श्रमिक कॉलोनी में गुरुवार रात करीब 11 बजे कोयला लेने जा रही लोको ट्रेन की टक्कर पिकअप से हो गई। हादसे में चकेठी निवासी 25 वर्षीय रवि बर्मन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

हादसा संजय नगर डबल स्टोरी के पास साप्ताहिक बाजार के नजदीक अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र चचाई की रेल लाइन पर हुआ। बताया गया कि घटनास्थल पर रेल क्रॉसिंग के लिए फाटक नहीं था। हादसे के बाद रेलवे लाइन की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

डीजे का सामान छोड़कर गांव लौट रहे थे युवक

जानकारी के मुताबिक, अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र चचाई से निकली लोको ट्रेन कोयला लेने के लिए बंगवार-संगमा साइडिंग की ओर जा रही थी। इसी दौरान रेल लाइन पार कर रही पिकअप उसकी चपेट में आ गई। पिकअप में सात युवक सवार थे, जो संजय नगर में डीजे का सामान छोड़कर अपने गांव चकेठी लौट रहे थे।

टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में रवि पिता स्वर्गीय लाल बर्मन का सिर धड़ से अलग हो गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक का शव वाहन में बुरी तरह फंस गया था, जिसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।

छह युवक गंभीर रूप से घायल 

दुर्घटना में रवि के अलावा छह युवक घायल हुए हैं। घायलों की पहचान अर्जुन कोल (17), विकास सिंह (22), शिवम बैगा (18), कन्हैया बर्मन (25), करन कोल (19) और राजेश सिंह (26) के रूप में हुई है। सभी चकेठी गांव के निवासी बताए गए हैं।

घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर अंधेरा था। उनका आरोप है कि लोको ट्रेन की ओर से हॉर्न भी नहीं बजाया गया। हालांकि, हॉर्न बजाने और हादसे के अन्य कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

उठे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

हादसे के बाद संजय नगर श्रमिक कॉलोनी से गुजरने वाली रेल लाइन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि अमरकंटक ताप विद्युत गृह के लिए कोयला परिवहन करने वाली लोको ट्रेन का संचालन निजी कंपनी करती है। सुरक्षा के मद्देनजर कंपनी को अलग-अलग स्थानों पर फाटक लगाने की अनुमति दी गई थी।

इसके बावजूद आरोप हैं कि कई जगहों पर फाटक नहीं लगाए गए। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां रेल लाइन के दोनों ओर कोयला कर्मचारियों के आवास हैं। आबादी वाला क्षेत्र होने के कारण यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में फाटक और अन्य सुरक्षा इंतजामों की कमी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकती है।

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परिजन मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े

हादसे के बाद लोको ट्रेन का चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर देर रात एसडीएम प्राशी अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

इधर, मृतक के परिजनों ने मुआवजा देने और उसके एक भाई को पावर हाउस में नौकरी देने की मांग की है। मांगों को लेकर परिजनों के अड़े रहने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

इस दर्दनाक हादसे ने श्रमिक कॉलोनी के बीच से गुजरने वाली रेल लाइन पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अब हादसे के कारणों, ट्रेन संचालन के दौरान बरती गई सावधानियों और क्रॉसिंग पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण होगी।