उज्जैन में नितिन नवीन के रोड शो से महापौर मुकेश टटवाल को उतारा, भाजपा की गुटबाजी हुई उजागर
उज्जैन में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की रथ यात्रा से महापौर मुकेश टटवाल को हटा दिया गया, जिससे पार्टी की ...और पढ़ें

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का सम्मान किया गया। (फोटो- जागरण)
HighLights
महापौर मुकेश टटवाल को नितिन नवीन की रथ यात्रा से उतारा गया।
यह घटना उज्जैन भाजपा में अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी दर्शाती है।
कांग्रेस ने इसे दलित समाज और महापौर का अपमान बताया।
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उज्जैन आगमन पर आयोजित रथ यात्रा के दौरान पार्टी की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। नितिन नवीन के स्वागत में आयोजित रथ यात्रा में सवार होने के लिए तय सूची में महापौर मुकेश टटवाल का नाम भी शामिल था, फिर भी ऐन वक्त पर केवल महापौर को रथ से नीचे उतार दिया गया। इससे स्थानीय राजनीति और पार्टी कैडर में सुगबुगाहट है।
पहले भी की गई महापौर की उपेक्षा
कहा जा रहा है कि यह पहला मौका नहीं है, जब महापौर की इस तरह उपेक्षा हुई है, पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, लोकार्पण व भूमिपूजन समारोह और प्रशासनिक बैठकों में भी उन्हें लगातार दरकिनार किया जाता रहा है। महापौर द्वारा दिए गए निर्देशों पर अमल न होना और कार्यक्रमों में अपेक्षित सम्मान न मिलना संगठन व निगम प्रशासन के बीच की खींचतान को दर्शाता है।
महापौर के समर्थकों में निराशा
अब सार्वजनिक उपेक्षा से महापौर समर्थक बेहद निराश हैं। नगर निगम द्वारा आयोजित और होस्ट किए जा रहे कार्यक्रमों में ही प्रथम नागरिक की उपेक्षा भाजपा में असंतोष और वर्चस्व की जंग को उजागर करता है।
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कांग्रेस बोली- यह दलित समाज का अपमान
उधर, तराना विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश परमार ने इसे महापौर के साथ-साथ बैरवा और पूरे दलित समाज का अपमान बताया। कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता, सम्मान और सबका साथ की बात करती है, लेकिन अपने ही दल के दलित निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सम्मान के मामले में अलग व्यवहार क्यों किया गया।
