उज्जैन-देवास रोड के ढाबे में दाल में मक्खी, CM हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही; खाद्य विभाग ने लटकाया ताला
उज्जैन-देवास रोड के पालखंदा स्थित सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट को दाल में मक्खी मिलने की शिकायत के बाद बंद कर दिया ...और पढ़ें

ढाबा संचालक को समझाइश देती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम।
HighLights
दाल में मक्खी मिलने पर ग्राहक ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की।
जांच में ढाबा बिना लाइसेंस संचालित और गंदगी से भरा पाया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई कर ढाबे को बंद करवाया।
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। उज्जैन-देवास रोड के पालखंदा स्थित सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट एवं ढाबे पर दाल में मक्खी मिलने की शिकायत के बाद जांच करने पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी को ढाबा बिना लाइसेंस और जरूरी अनुमतियों के संचालित मिला।
मौके पर गंदगी के साथ मक्खियां भी भिनभिनाती मिलीं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ढाबा बंद करवा दिया। संचालक को खाद्य लाइसेंस लेने के निर्देश दिए गए हैं। अब लाइसेंस मिलने के बाद ही ढाबा दोबारा संचालित किया जा सकेगा।
ग्राहक ने की CM हेल्पलाइन पर शिकायत
शनिवार को देवास निवासी विजय सिंह तोमर ढाबे पर खाना खाने पहुंचे थे। उन्होंने दाल ऑर्डर की। दाल में मक्खी मिलने और परिसर में गंदगी देखकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंतदत्त शर्मा, बीएस देवलिया टीम के साथ जांच के लिए मौके पर पहुंचे। जांच में ढाबे पर साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली और मक्खियां भिनभिनाती मिलीं।
खुले बर्तन में रखा था बटर, पनीर के भी लिए नमूने
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ढाबे से पनीर और बटर के नमूने लिए। बटर खुले बर्तन में रखा हुआ था। अधिकारियों के अनुसार हाईवे स्थित ढाबों में पनीर और बटर की गुणवत्ता को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती हैं। इसी कारण दोनों खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए स्टेट लैबोरेटरी भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसी विभाग की अनुमति नहीं मिली
जांच में सामने आया कि ढाबा संचालित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का लाइसेंस तो नहीं था ही, एनएचएआइ और स्थानीय पंचायत की अनुमति भी नहीं ली गई थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संचालक को आवश्यक पंजीयन और लाइसेंस लेने के निर्देश देते हुए ढाबा बंद करवा दिया। रजिस्ट्रेशन नहीं होने तक ढाबा बंद रहेगा।
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100 रुपए शुल्क पर जारी होता है लाइसेंस
फूड लाइसेंस लेने की प्रक्रिया सरकार ने बेहद आसान कर रखी है। महज 100 रुपए का शुल्क चुकाकर यह लाइसेंस लिया जा सकता है। इसके लिए फूड विभाग के पोर्टल के लाइसेंस सेक्शन पर आवेदन करना होता है। आवेदन में शुल्क के साथ जगह का जिक्र करना होता है।
चूंकि यह आम आदमी से जुड़ा मसला है, ऐसे में महज एक दिन में ही लाइसेंस जारी हो जाता है। हर साल इसका रिन्युअल कराना होता है। यह लाइसेंस टर्नओवर के मुताबिक जारी होता है। एक रुपए से लेकर डेढ़ करोड़ तक के टर्नओवर पर लाइसेंस फीस 100 रुपए होती है। डेढ़ करोड़ से लेकर पांच करोड़ रुपये तक के टर्नओवर पर लाइसेंस फीस 5 हजार रुपए होती है।
