रतलाम: आधी रात आंख खुली तो सामने था 5 फीट का मगरमच्छ, महिला ने बेटे संग खिड़की से निकलकर बचाई जान
रतलाम के नवागांव में एक महिला की नींद खुली तो उसने अपने घर में साढ़े पांच फीट का मगरमच्छ देखा। ...और पढ़ें

ग्रामीणों ने किसी तरह मगरमच्छ को काबू में किया।
HighLights
रतलाम के नवागांव में घर में घुसा साढ़े पांच फीट का मगरमच्छ।
महिला ने सात वर्षीय बेटे संग खिड़की से निकलकर जान बचाई।
ग्रामीणों ने मगरमच्छ को काबू कर वन विभाग को सौंपा।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। रतलाम जिले के बाजना जनपद के नवागांव में बुधवार रात एक घर में उस समय दहशत फैल गई, जब सो रही महिला की अचानक आंख खुली और सामने करीब साढ़े पांच फीट लंबा मगरमच्छ नजर आया। मगरमच्छ मुंह खोले उनकी ओर बढ़ रहा था। घबराई महिला ने किसी तरह अपने सात वर्षीय बेटे को साथ लिया और घर की छोटी खिड़की से बाहर निकलकर जान बचाई।
मगरमच्छ घर के दरवाजे से महज करीब तीन फीट दूर था। बाहर निकलते ही महिला ने शोर मचाकर पड़ोसियों को जगाया। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रस्सियों से बांधकर काबू में किया।
खुला था घर का दरवाजा
नवागांव की रहने वाली सीताबाई डोडियार मजदूरी करती हैं। उनके पति की करीब सात वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं। घटना के समय सात वर्षीय छोटा बेटा उनके साथ घर में सो रहा था, जबकि 12 वर्षीय बड़ा बेटा दोस्तों के साथ नदी की ओर गया था।
बताया जा रहा है कि रात के समय घर का दरवाजा खुला हुआ था। आशंका है कि मगरमच्छ इसी रास्ते से घर के अंदर दाखिल हुआ। महिला की आंख खुलने पर उसने मगरमच्छ को अपने बेहद करीब पाया।
रात में नहीं पहुंची टीम
ग्रामीणों के मुताबिक, घटना के बाद रात करीब 10 बजे पुलिस को थाने के नंबर पर सूचना दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। वन विभाग की ओर से भी रात में कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा।
इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही मगरमच्छ को रस्सियों से बांधा और पिकअप वाहन में रखकर बाजना ले गए। वहां भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। ग्रामीण मगरमच्छ को नदी में छोड़ने के लिए वापस ले गए, लेकिन नदी के पास पहुंचने पर उसने काफी ताकत दिखाई। इसके बाद ग्रामीण उसे दोबारा गांव लेकर आए और निर्माणाधीन महादेव मंदिर के पास बांध दिया।
दो-तीन युवकों ने पूरी रात मगरमच्छ की निगरानी की। सुबह वन विभाग की टीम पहुंची और उसे अपने कब्जे में लेकर वन परिक्षेत्र कार्यालय बाजना पहुंचाया।
5 फीट से ज्यादा लंबा है मगरमच्छ
सुबह रेंजर अमित सोनी मगरमच्छ को वन परिक्षेत्र कार्यालय लेकर पहुंचे। यहां वेटरनरी डॉक्टर फिरोज खान ने उसका परीक्षण किया। जांच के दौरान मगरमच्छ शांत रहा। वन विभाग के अनुसार, उसकी उम्र करीब दो वर्ष और लंबाई करीब 170 सेंटीमीटर यानी 5 फीट 7 इंच है। फिलहाल उसे वन परिक्षेत्र कार्यालय बाजना में पिंजरे में रखा गया है।
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माही डेम से 20 किमी दूर है गांव
नवागांव माही डेम से करीब 20 किलोमीटर दूर है। माही डेम में मीठे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं। क्षेत्र की तेलनी नदी भी माही नदी तंत्र से जुड़ी हुई है। ऐसे में जलस्रोत के रास्ते मगरमच्छ के गांव तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि वन विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जलस्रोत सूखने के कारण जंगली जीवों की आबादी वाले इलाकों की ओर आवाजाही बढ़ रही है। गांव के आसपास तेंदुए की हलचल भी बढ़ने की बात ग्रामीणों ने कही है। कुछ समय पहले बाजना क्षेत्र में जंगली सूअर के गांव की ओर आने की घटना भी सामने आई थी।
फिलहाल वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि मगरमच्छ नवागांव तक कैसे पहुंचा। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन रेंजर और डीएफओ से बात नहीं हो सकी।
