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रतलाम: चलती बस में सराफा व्यापारी से करोड़ों की लूट का पर्दाफाश, पूर्व कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड; 5.41 करोड़ के गहने बरामद

Published: Sun, 16 Aug 2026 11:25 PM (IST)

रतलाम में चलती बस में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों की लूट का 48 घंटे में खुलासा हो गया है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पुलिस ने छह आरोपितों को किया गिरफ्तार, सरगना सहित दो फरार।

  2. 13 अगस्त को उज्जैन के बड़नगर से रतलाम लौटते समय हुई थी वारदात।

  3. व्यापारी के यहां तीन माह पहले तक कार्यरत था लूटा का मुख्य आरोपित।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। रतलाम के बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के भीतर सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट का पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 5.41 करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं। इनमें 4.167 किलोग्राम वजन के सोने के 238 नग और 4.047 किलोग्राम वजन के चांदी के 183 नग जेवर शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, बरामद सोने के जेवर की अनुमानित कीमत 5.32 करोड़ रुपये, जबकि चांदी के जेवर की कीमत करीब 9 लाख रुपये है। मामले में दो आरोपित अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से मिला सुराग

उज्जैन जोन के आईजी राकेश गुप्ता ने रविवार शाम प्रेस वार्ता में बताया कि वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक के रास्ते में लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही साइबर सेल ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।

डीआईजी निमिष अग्रवाल और एसपी अमित कुमार के निर्देशन में करीब 10 पुलिस टीमों में 50 से ज्यादा जवानों को लगाया गया था। संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस ने बिलपांक थाना क्षेत्र की हिम्मतगढ़ पहाड़ी के आसपास घेराबंदी कर छह आरोपितों को गिरफ्तार किया।

पुलिस की कार्रवाई के बाद सराफा एसोसिएशन ने आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी निमिष अग्रवाल और एसपी अमित कुमार का सम्मान किया। आईजी ने पुलिस टीम को डीजीपी की ओर से पुरस्कृत किए जाने की बात कही है।

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बस में व्यापारी से मारपीट कर छीना था बैग

फरियादी अर्पित पुत्र ललित कुमार चोरड़िया, निवासी जैन कॉलोनी रतलाम, 13 अगस्त को बड़नगर में व्यापारियों को सोने के आभूषण बेचने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए थे।

रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस हनुमान चौकी उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंची। इसी दौरान आरोपितों ने व्यापारी के साथ मारपीट की और जेवर से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। छीना-झपटी में करीब 325 ग्राम सोना नीचे गिर गया था, जिसे व्यापारी ने अपने दोस्त विक्की को सौंप दिया था। बाद में उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

व्यापारी का पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सामने आया कि लूट की पूरी साजिश रोहित नायक ने रची थी। वह व्यापारी अर्पित के यहां करीब तीन महीने पहले तक काम कर चुका था। इस वजह से उसे व्यापारी के कारोबार, सोना-चांदी के आभूषण और उनके आने-जाने की जानकारी थी।

पुलिस के मुताबिक, रोहित ने पहले भी करीब एक महीने पहले व्यापारी को बस में लूटने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय आरोपित वारदात को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके बाद दोबारा योजना बनाकर 13 अगस्त को लूट की गई। रोहित फिलहाल फरार है।

ऐसे तैयार हुई थी पूरी गैंग

पुलिस के अनुसार, रोहित ने अर्पित की गतिविधियों की जानकारी अभिजीत उर्फ अभय गुर्जर को दी। अभिजीत ने अपने साथियों को एकत्रित कर वारदात की योजना को आगे बढ़ाया।

राहुल गुर्जर ने अर्पित को बड़नगर जाते हुए देखा और साथियों को उसकी जानकारी दी। उसने बड़नगर बस स्टैंड पर अर्पित की पहचान भी कराई। इसके बाद यशवंत गुर्जर उसी बस में सवार हो गया और रास्ते में गिरोह के साथ रहा।

रवि उर्फ बबला गुर्जर ने वारदात के दौरान बस रुकवाने में भूमिका निभाई। उसने सरवड़ जाने वाले कच्चे रास्ते पर अपने घर के पास पहले से दो बाइक खड़ी कर रखी थीं, ताकि लूट के बाद भागने में आसानी हो। पुलिस ने लूट का बैग और जेवर उसके कब्जे से बरामद किए हैं।

मोहम्मद उमर उर्फ पप्पू भी वारदात में शामिल रहा और बाद में आरोपितों को फरार होने में मदद की। वहीं राहुल उर्फ वीर गुर्जर बस में सवार होकर रतलाम की ओर आया था और बैग छीनने समेत वारदात के बाद भागने में सहयोग किया।

इंदौर में छिपाया गया था लूट का माल

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपित इंदौर के हरसोला निवासी गौरव गुर्जर के पास पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, यहीं लूट का माल छिपाया गया था। गौरव और मुख्य साजिशकर्ता रोहित नायक फिलहाल फरार हैं। पुलिस अब दोनों फरार आरोपितों की तलाश के साथ लूट की साजिश में उनकी भूमिका और बरामद जेवर के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

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ईडी और आयकर विभाग भी करेंगे जांच

लूट में करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण सामने आने के बाद अब मामले की जांच का दायरा और बढ़ सकता है। पुलिस के अनुसार, ईडी और आयकर विभाग भी मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच करेंगे। बरामद जेवर के स्रोत, कारोबारी लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।

मामले के खुलासे में पुलिस की 10 टीमों के करीब 50 जवानों की भूमिका रही। अधिकारियों ने तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र के समन्वय को इस तेजी से हुए खुलासे का प्रमुख आधार बताया है।