इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ शनिवार को, कड़ी शर्तों के बीच होगा कार्यक्रम; मैदान से अनुमति तक विवाद
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम शनिवार को इंदौर में कड़ी शर्तों और विवादों के बीच होगा, जिसमें Gen-Z ...और पढ़ें

राहुल गांधी। (फाइल फोटो)
HighLights
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम शनिवार को इंदौर में।
कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने 31 कड़ी शर्तें लगाई हैं।
कार्यक्रम स्थल की अनुमति और किराए को लेकर विवाद।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। शहर के रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान में सायं साढ़े पांच बजे से होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस ने Gen-Z को लक्षित कर 35 वर्ष तक की आयु सीमा तय की है। बॉलीवुड गायक राघव चैतन्य, रैपर लशकरी और डांस ग्रुप विकास अनबिटेबल भी प्रस्तुति देंगे। यह कार्यक्रम प्रशासन और पुलिस की कड़ी शर्तों के बीच होगा।
20 दिनों से पंजीयन में जुटी कांग्रेस
करीब 20 दिनों से कांग्रेस युवाओं के पंजीयन और तैयारियों में जुटी हुई थी। हालांकि, शुक्रवार शाम तक स्थानीय प्रशासन से अनुमति और एनओसी को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच घमासान की स्थिति बनी रही। फायर-इलेक्ट्रिक एनओसी जारी नहीं हुई। इंदौर का आयोजन ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला में देश का पांचवां आयोजन है। इससे पहले कोटा, प्रयागराज, देहरादून और पुणे में राहुल गांधी ऐसे आयोजन कर चुके हैं।
31 शर्तों से गरमाया मामला, वर्मा आयोग का भी संदर्भ
आयोजन के लिए राजीव गांधी हत्याकांड के बाद बने वर्मा आयोग की सिफारिशों का हवाला देकर गुरुवार को इंदौर पुलिस ने 31 कड़ी शर्तें लगाईं। इस पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इससे सत्ताधारी भाजपा के इरादे पता चलते हैं। पहले सरकार ने 2019 में राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटा ली और अब उनके कार्यक्रम की अनुमति देते समय उनके पिता की हत्या का हवाला दिया जा रहा है।
अलबत्ता, पुलिस का तर्क है कि वर्मा आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ सिर्फ सुरक्षा मामलों में कार्यक्रम के आयोजकों को जिम्मेदारी समझाने के लिए दिया गया। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि जानबूझकर आयोजन रोकने के लिए अड़चनें लगाई गई हैं।
स्थान से अनुमति तक विवाद
आयोजन के लिए पहले कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम मांगा था। नगर निगम ने हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा कि स्टेडियम केवल सरकारी, निर्वाचन और खेल गतिविधियों के लिए दिया जा सकता है। इसके बाद रीजनल पार्क के सामने मैदान मांगा गया।
इंदौर विकास प्राधिकरण ने मैदान देने के लिए पुलिस से राय मांगी। बीते सप्ताह मैदान आवंटित हुआ और कांग्रेस से पहले 10 लाख आठ हजार रुपये जमा करवाए गए। गुरुवार को फिर चार लाख रुपये किराया मांगा गया।
