'अंग्रेज भी अनुमति के लिए पैसे नहीं मांगते थे...', इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने बोला सरकार पर हमला
राहुल गांधी के इंदौर में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने प्रशासन पर अड़चनें डालने और अत्यधिक ...और पढ़ें

इंदौर में कांग्रेस की पत्रकार वार्ता।
HighLights
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में।
कांग्रेस ने कार्यक्रम की अनुमति और शुल्क पर उठाए गंभीर सवाल।
'छात्रों की गूंज'को शिक्षा, रोजगार, युवा मुद्दों पर चर्चा का मंच बताया गया।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शनिवार, 19 सितंबर को प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले इंदौर में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से चर्चा करते हुए आयोजन की अनुमति, प्रशासनिक शुल्क और सरकार के रवैये को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में अड़चनें डाली जा रही हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "जब अंग्रेज थे, तो वे भी किसी आयोजन की अनुमति के लिए पैसे नहीं मांगते थे। हमसे दो-दो बार ले लिए गए।" उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे जितनी भी यातनाएं दे, कांग्रेस उनका सामना करेगी।
दरअसल, कार्यक्रम के लिए पहले नेहरू स्टेडियम का विकल्प सामने आया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने आईडीए मैदान में आयोजन की तैयारी शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस ने तीन दिन के लिए मैदान का करीब 10.08 लाख रुपये शुल्क जमा किया है। इसके बाद आईडीए ने निर्धारित अवधि से पहले मैदान के एक हिस्से का इस्तेमाल किए जाने को लेकर करीब 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की मांग की है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
'शिक्षा सरकार का दायित्व, अब इस पर चर्चा जरूरी'
कांग्रेस नेताओं ने 'छात्रों की गूंज' को शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, परीक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का मंच बताया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला अभियान बताया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास दीये जलाने का समय है, लेकिन बालाघाट और सागर में हुई मौतों पर शोक व्यक्त करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र अब सरकार के दीये बुझाएंगे।
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे को भी चर्चा के केंद्र में रखा। सिंघार ने आरएसएस को लेकर भी आरोप लगाए और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए। ये कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया को अलग से देखा जाना है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिल्ली में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल के बाद अब राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर अड़चनें पैदा की जा रही हैं।
पंजीयन को लेकर कांग्रेस ने नहीं बताया आंकड़ा
'छात्रों की गूंज' के लिए पंजीयन को लेकर भी तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। जीतू पटवारी ने शुक्रवार को कुल संख्या सार्वजनिक करने से इन्कार करते हुए कहा कि आंकड़े बताने पर पुलिस आपत्ति लेती है। उन्होंने दावा किया कि इंदौर का आयोजन बड़ा और ऐतिहासिक होगा।
इससे पहले कांग्रेस की ओर से एक लाख से अधिक पंजीयन का दावा किया गया था, जबकि 17 सितंबर की एक रिपोर्ट में पार्टी के हवाले से 13 लाख से अधिक पंजीयन होने की बात कही गई। ऐसे में अंतिम आधिकारिक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।
राहुल गांधी के पहुंचने से पहले जुटे कांग्रेस के दिग्गज
राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के लिए प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता इंदौर पहुंच चुके हैं। इनमें कमलेश्वर पटेल, अलका लांबा, उषा नायडू, विक्रांत भूरिया, संजना जाटव, सज्जन सिंह वर्मा, मुकेश नायक, बाला बच्चन, अरुण यादव, शोभा ओझा और डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ समेत कई नेता शामिल हैं।
19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से शिक्षा व्यवस्था, रोजगार तथा परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की तैयारियां जारी हैं और आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
